NEXT 10 फरवरी, 2025। हिन्दी प्रचार समिति की सहयोगी इकाई मरूभूमि शोध संस्थान, श्रीडूंगरगढ़ द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) को समारोहपूर्वक मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजस्थानी भाषा के शब्दों की अंवेर (विश्लेषण) और अर्थवत्ता पर विद्वानों द्वारा चर्चा होगी।
संस्थान के निदेशक प्रो. भंवर भादानी ने बताया कि यह आयोजन भाईचारा फाउंडेशन के अध्यक्ष वेद व्यास की अध्यक्षता में होगा, जबकि मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गजादान चारण होंगे।
सम्मानित होंगे साहित्यकार
समारोह संयोजक रवि पुरोहित ने बताया कि महाराणा प्रताप राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार इस वर्ष नागौर के साहित्यकार लक्ष्मणदान कविया को उनकी सतत राजस्थानी साधना के लिए दिया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत ₹21,000 की नकद राशि प्रदान की जाएगी।
इसी तरह, पं. मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार बीकानेर के शिक्षाविद साहित्यकार डॉ. गौरीशंकर प्रजापत को उनकी काव्य कृति ‘भळै भरोसो भोर रो’ के लिए दिया जाएगा। उन्हें ₹11,000 की नकद राशि से सम्मानित किया जाएगा।
महिला और बाल साहित्यकार भी होंगे सम्मानित
समारोह में श्री सूर्यप्रकाश बिस्सा स्मृति राजस्थानी महिला लेखन सम्मान और कला-डूंगर कल्याणी स्मृति राजस्थानी बाल साहित्य सम्मान भी प्रदान किए जाएंगे। इस दौरान पूर्व चयनित राजस्थानी पुस्तकें ‘आंख्या आळा आंधा’ और ‘बातां री मुळक’ का लोकार्पण किया जाएगा। इन पुस्तकों की लेखिकाएं किरण राजपुरोहित नितिला (जोधपुर) और विमला नागला (केकड़ी) को सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति को लेकर गहन विमर्श होगा।
अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर राजस्थानी भाषा और साहित्य पर होगा मंथन, साहित्यकार होंगे पुरस्कृत

Published on:

