NEXT 14 फरवरी, 2025। शहर की ऐतिहासिक 132 साल पुरानी फॉयसागर झील का नाम बदलकर वरुण सागर झील कर दिया गया है। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
झील के आसपास वरुण देव और भगवान झूलेलाल की प्रतिमाएँ स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, सिंधी समाज के धार्मिक अनुष्ठानों को ध्यान में रखते हुए घाट का निर्माण भी करवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सिंधी समाज यहाँ हर वर्ष चालीहो महोत्सव मनाता है।
वासुदेव देवनानी ने बताया कि वरुण देवता सिंधी समाज सहित अन्य समुदायों के भी आराध्य देव हैं और अजमेर में सिंधी समाज की बड़ी आबादी है। इसी को ध्यान में रखते हुए झील का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है।
फॉयसागर झील का निर्माण 1892 में ब्रिटिश इंजीनियर हेनरी फॉय ने करवाया था। इसे अकाल राहत परियोजना के तहत बनाया गया था। अब इसे धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
132 साल पुरानी फॉयसागर झील का नाम बदलकर वरुण सागर झील, सिंधी समाज के लिए खास है यह जगह





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