NEXT 31दिसम्बर, 2024। नए साल की शुरुआत बीकानेर के देशनोक में एक ऐतिहासिक आयोजन के साथ हो रही है। करणी माता मंदिर में 17,500 किलो दाल के हलवे का महाप्रसाद तैयार किया जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि यह विश्व का सबसे बड़ा भोग है और इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।
मंदिर के महंत डॉ. करणी प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार पहली बार दाल के हलवे को महाप्रसाद के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके लिए 3130 किलो मूंग दाल, 3130 किलो घी, 3912 किलो चीनी, 4500 किलो मावा, 6किलो इलायची, 100किलो बादाम कतरन,51किलो पिस्ता और 1 किलो केसर समेत अन्य सामग्री का उपयोग किया गया है।
महाप्रसाद तैयार करने में 200 से अधिक कार्यकर्ता पिछले दो दिनों से जुटे हुए हैं। मंदिर में भारी-भरकम कढ़ाईयों का उपयोग किया जा रहा है, जो महाराजा गंगा सिंह के समय से यहां मौजूद हैं।
आयोजन समिति का कहना है कि दुनिया में अब तक इतना बड़ा प्रसाद नहीं बनाया गया है। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए संबंधित टीम को आमंत्रित किया गया है।
महाप्रसादी में भाग लेने देशभर से आ रहे श्रद्धालु, बुधवार को वितरण
इस आयोजन में भाग लेने के लिए जयपुर, जोधपुर, नागौर और अन्य शहरों से बड़ी संख्या में भक्त देशनोक पहुंचे हैं। शहर की अधिकांश धर्मशालाएं और होटल बुक हो चुकी हैं।
महाप्रसाद का वितरण बुधवार को होगा। मंदिर परिसर में दोपहर 3 बजे कथा का आयोजन होगा, जिसका वाचन महंत डॉ. करणी प्रताप सिंह करेंगे। तैयार किया गया हलवा देशनोक के हर घर में वितरित किया जाएगा।