चार विभूतियों को मिला सम्मान, रचनाओं की डिजिटल प्रस्तुति का संकल्प
NEXT 21 सितम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। सुरभि, अजित फाउंडेशन और शाद्वल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अजित फाउंडेशन सभागार में जनकवि एवं गीतकार धनंजय वर्मा की स्मृति में ‘चितार’ समारोह हुआ। इस मौके पर साहित्य और संस्कृति में विशेष योगदान देने वाले जानकी नारायण श्रीमाली, रवि पुरोहित, राजेन्द्र स्वर्णकार और मनीषा आर्य सोनी को सम्मानित किया गया।

समारोह की अध्यक्षता शिक्षाविद्-समालोचक डॉ. उमाकांत गुप्त ने की। उन्होंने कहा कि “कालजयी रचनाकार वर्मा को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि उनके नाम पर सृजनधर्मी विभूतियों का सम्मान हो।”

विशिष्ट अतिथि पृथ्वीराज रतनू ने कहा कि वर्मा की रचनाओं में नई पीढ़ी को राजस्थानी संस्कारों से जोड़ने की ललक स्पष्ट दिखती है। वहीं वरिष्ठ व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा ने विश्वास जताया कि वर्मा का अप्रकाशित साहित्य अब सामने आएगा और शोध का विषय बनेगा।
इस मौके पर गोविन्द जोशी ने वर्मा की रचनाओं को भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ गाकर सभी को मंत्रमुग्ध किया। वरिष्ठ साहित्यकार रवि पुरोहित ने घोषणा की कि वे वर्मा सहित समकालीन रचनाकारों की कृतियों को डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।

कार्यक्रम की संकल्पना डॉ. अभय सिंह टाक ने प्रस्तुत की। समारोह में सुधा वर्मा सहित वर्मा का परिवार, अनेक साहित्यकार, समाजसेवी और संस्कृतिकर्मी मौजूद रहे। संयोजन रोहित बोड़ा ने किया और आभार संजय श्रीमाली ने व्यक्त किया।





















