NEXT 15 नवम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। बापेऊ स्थित श्री पुरुषोत्तम गौशाला में साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती दीदी का शुभ आगमन हुआ। गौशाला परिसर में हुए दिव्य सत्संग में साध्वी दीदी ने गौसेवा, संयम और मानव जीवन की सार्थकता पर प्रेरक प्रवचन दिए।

साध्वी ने कहा कि आज इंसान के पास साधन और सुविधाएं तो बहुत बढ़ गई हैं, लेकिन असली शांति और समृद्धि गौसेवा से ही मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि “मनुष्य तन मिला है तो इसे सार्थक बनाएं, नहीं तो जीवन अधोगति की ओर चला जाता है।”
“गाय के सान्निध्य में रहने वाले रहते हैं स्वस्थ”
सत्संग में साध्वी दीदी ने बताया कि जो लोग गाय के पास रहते हैं, वे मानसिक और शारीरिक रूप से ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में धन जरूरी है, लेकिन धन ही सबकुछ नहीं होता। सेवा, त्याग और प्रेम से बड़ा कोई धर्म नहीं।

गौवध निषेध कानून की मांग
अपने संबोधन में साध्वी ने मंच से केंद्र सरकार से गौवध निषेध कानून बनाने की मांग भी उठाई। साथ ही कहा कि गाय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे संस्कृति और आस्था से जोड़कर संरक्षण देना चाहिए।

ग्रामवासियों ने किया स्वागत
गौशाला प्रबंधक मालाराम शर्मा ने बताया कि गांव के मालाराम गोदारा, तुलछाराम नाई, दुर्गाराम बिरडा, मालाराम नाई, डूंगरराम धानिया, तुलछनाथ, मोहनराम सारण, मामराज ढाका, मूलाराम नाई, बद्रीराम ज्यानी सहित ग्रामीणों ने साध्वी दीदी का स्वागत-सम्मान किया।
अन्य भक्तों और कथा वाचिका का आगमन
सत्संग में कथा वाचिका ब्रिज राधे किशोरी (वृंदावन) भी पहुंचीं।
दूर-दराज से आए गोभक्तों में हरिराम भादू (लिखमीसर दिखनादा), लूणाराम जाखड़ (लिखमीसर), भंवरलाल गोदारा (पूर्व सरपंच, दुशारणा), श्री जसनाथ पेडगासस गौशाला के हनुमान गोदारा, मालाराम गोदारा, भैराराम नई सहित बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
















