NEXT 29 नवम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। गाँव की वरिष्ठ महिला तीजादेवी सहू पत्नी सावंताराम सहू ने मरणोपरांत नेत्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की है। उनके नेत्र दो जरूरतमंदों को नई रोशनी देने जा रहे हैं। परिवार के इस निर्णय ने पूरे गाँव को भावुक कर दिया।

परिवार ने दिखाया बड़ा दिल, सभी रहे मौजूद
नेत्रदान की अनुमति उनके पुत्र पुरखाराम सहू व उनकी पत्नी किशनीदेवी ने दी। पौत्र जगदीश, मुखराम, अमरचन्द, जयकरण सहू सहित पूरा परिवार इस दौरान मौजूद रहा।
पड़पौत्र दीपांशु, तेजस्व, नितिन, गगन, ध्रुव, मानव की मौजूदगी ने माहौल को भावनात्मक बना दिया।

गाँव के लोगों ने कहा- “ऐसे निर्णय समाज को दिशा देते हैं”
नेत्रदान के समय गाँव के कई गणमान्य लोग मालाराम, आशाराम, मेघाराम, मोहनराम, सुगनाराम, किशनाराम, आदुराम, मुनीराम, रावताराम आदि उपस्थित रहे। सभी ने परिवार के फैसले को प्रेरणादायी बताया।
प्राणनाथ हॉस्पिटल की टीम ने किया नेत्र संग्रहण
नेत्र संग्रहण का कार्य प्राणनाथ हॉस्पिटल, सरदारशहर की प्रशिक्षित टीम ने पूरा किया। प्रक्रिया में डॉ. अंकित स्वामी व मुखराम सहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके साथ ही तेरापंथ युवक परिषद्, श्रीडूंगरगढ़ के संयोजक अशोक झाबक, अध्यक्ष विक्रम मालू और उपाध्यक्ष चमन श्रीमाल की त्वरित सक्रियता व समर्पण सराहनीय रहा।
ग्रामीण बोले- “तीजादेवी का नेत्रदान बनेगा आने वाली पीढ़ियों के लिए सीख”
ग्रामवासियों ने कहा कि तीजादेवी सहू का नेत्रदान गाँव की ओर से समाज को दिया गया एक बड़ा संदेश है। “दो लोगों को आँखें मिलेंगी और सैकड़ों लोग प्रेरित होंगे।”















