NEXT 2 दिसम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। स्थानीय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश हर्ष कुमार ने जनहित को देखते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए वादीगण लीछीराम, रामेश्वरी देवी, बालूराम, संतोष देवी को राहत प्रदान की है। न्यायालय ने अस्थायी निषेधाज्ञा के आवेदन पर सुनवाई करते हुए अप्रार्थी कालीदेवी को अपने खेत में मृत पशुओं के शव डालने से आगामी आदेश तक रोक दिया है।

वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल सोनी ने बताया कि गांव धनेरू की रोही स्थित कालीदेवी पत्नी बीरबलराम मेघवाल निवासी धनेरू के खेत, खसरा नंबर 1244/313, क्षेत्रफल 1.26 हैक्टेयर, में मृत पशुओं के शव डाले जा रहे थे, जिससे क्षेत्र में गंदगी, दुर्गंध तथा पर्यावरणीय खतरा उत्पन्न हो रहा था। इस पर रोक लगाने के लिए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की गई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि कालीदेवी आगामी आदेश तक
- अपने खेत में मृत पशुओं के शव नहीं डालेंगी,
- तथा खेत में हड़फौड़ा (खड्डा/डंपिंग पिट) नहीं बनाएंगी।
न्यायालय के इस आदेश से खेत के पड़ोसी कृषकों व ग्रामीणों ने राहत महसूस की है तथा निर्णय का स्वागत किया है।
















