एनएसएस इकाई प्रथम व द्वितीय के संयुक्त तत्वावधान में हुए विविध आयोजन
NEXT 16 जनवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई प्रथम एवं द्वितीय के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज शिक्षा राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में 12 जनवरी से 16 जनवरी 2026 तक साप्ताहिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति व नैतिक मूल्यों का संवर्धन तथा युवाओं को स्वदेशी मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूक करना रहा। सभी गतिविधियाँ महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. नवदीप सिंह बैंस के संरक्षण में संपन्न हुईं।

ऑपरेशन सुरक्षा चक्र में निभाई सहभागिता
कार्यक्रमों की शुरुआत 12 जनवरी को हुई, जिसमें एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी एवं स्वयंसेवकों ने कमांडेंट, तृतीय बटालियन आरएसी द्वारा आयोजित ऑपरेशन सुरक्षा चक्र में भागीदारी निभाई।
स्वामी विवेकानंद के विचारों पर भाषण प्रतियोगिता
13 जनवरी को युवाओं के लिए “स्वामी विवेकानंद के विचार” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में दीक्षा व्यास ने प्रथम, लाली कंवर ने द्वितीय तथा भुवनेश्वरी कंवर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

राष्ट्रीय एकता पर निबंध प्रतियोगिता
14 जनवरी को “राष्ट्रीय एकता में स्वामी विवेकानंद का योगदान” विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें दीक्षा व्यास प्रथम, लाली कंवर एवं प्रकृति राजपुरोहित संयुक्त रूप से द्वितीय तथा सलोनी भाटी एवं हर्षिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पोस्टर प्रतियोगिता में दिखी रचनात्मकता
15 जनवरी को स्वामी विवेकानंद पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में सलोनी भाटी ने प्रथम एवं लाली कंवर ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
नैतिक मूल्यों पर संवाद के साथ समापन
कार्यक्रमों की श्रृंखला का समापन 16 जनवरी को हुआ। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनोद कुमारी एवं डॉ. हिमांशु कांडपाल ने “नैतिक मूल्य एवं आत्मविश्वास” विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। संवाद में सरस्वती कुमावत एवं युक्ता जोशी ने अपने उत्तम विचार प्रस्तुत किए, जिनकी सभी उपस्थितजनों ने सराहना की।
इसी के साथ राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक समापन हुआ।




















