महिला अधिकारिता विभाग व महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन, सरकारी योजनाओं व ‘तेरे मेरे सपने’ कैंपेन की दी जानकारी
NEXT 3 फरवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बीकानेर में महिला अधिकारिता विभाग, बीकानेर एवं महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में जेंडर सेंसटाइजेशन (लैंगिक संवेदनशीलता) विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. भगवाना राम बिश्नोई ने की।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. मीनाक्षी कुमावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि “सम्मान, समानता और संवेदनशीलता यही इस विशेष सत्र का मूल संदेश है।” उन्होंने कहा कि जेंडर सेंसटाइजेशन केवल महिलाओं से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सोच से जुड़ा हुआ मुद्दा है।
महिला अधिकारिता विभाग से आई टीम में कविता महेश्वरी, कार्तिक बोहरा, सरिता गोदारा एवं उनकी टीम ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कविता महेश्वरी ने महिलाओं, बालिकाओं एवं बच्चियों के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उनसे मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला।

इसके पश्चात कार्तिक बोहरा ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से जेंडर सेंसटाइजेशन के महत्व को समझाते हुए कहा कि “जब सोच बदलेगी, तभी समाज बदलेगा।” उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को उसकी पहचान, अधिकार और सम्मान के साथ स्वीकार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
सरिता गोदारा ने महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित “तेरे मेरे सपने” कैंपेन की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को इसके उद्देश्यों से अवगत कराया। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का टीम द्वारा समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर कुमुद जैन ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थितजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
















