NEXT 10 जनवरी, 2025। राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाई प्रथम और द्वितीय के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन हर्षोल्लास और प्रेरणादायक गतिविधियों के साथ हुआ।
शिविर के अंतिम दिवस की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अभिलाषा आल्हा ने स्वयंसेवकों को एनएसएस के मूलमंत्र “स्वयं से पहले आप” को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
योग और ध्यान सत्र का समापन:
प्रथम सत्र में योग प्रशिक्षिका कृतिका रांका ने स्वयंसेवकों को योग अभ्यास कराया और ध्यान प्रक्रिया के महत्त्व पर प्रकाश डाला। सात दिवसीय ध्यान योग प्रशिक्षण का समापन भी इसी सत्र में हुआ।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और पर्यावरण संरक्षण पर व्याख्यान:
द्वितीय सत्र में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सही उत्तर देने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। तृतीय सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. नंदिता सिंघवी ने “भारतीय ज्ञान परंपरा में पर्यावरण संरक्षण” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने गायत्री मंत्र के महत्त्व को बताते हुए पर्यावरण शुद्धता और प्राचीन वृक्षों की महत्ता पर जोर दिया।
सात दिवसीय शिविर की गतिविधियों का प्रतिवेदन:
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनोद कुमारी ने सात दिवसीय शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। डॉ. हिमांशु कांडपाल ने स्वयंसेवकों से “माय भारत पोर्टल” पर पंजीकरण और प्रोफाइल अपडेट करने की अपील की।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण:
कार्यक्रम के दौरान एनएसएस गान, कविता पाठ, नृत्य प्रस्तुति, और स्वयंसेवकों द्वारा शिविर का फीडबैक दिया गया। प्रतियोगिताओं में विजेता स्वयंसेवकों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. अभिलाषा आल्हा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनोद कुमारी, डॉ. हिमांशु कांडपाल, और महाविद्यालय का समस्त कर्मचारी वर्ग उपस्थित रहा। शिविर ने स्वयंसेवकों को अनुशासन, संयम, और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया।
राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में एनएसएस के सात दिवसीय शिविर का समापन

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