NEXT 9 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। खादी ग्रामोद्योग विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं गांधीवादी विचारक स्व. भूराराम सेरडिया की 24वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को खादी समिति भवन, श्रीडूंगरगढ़ में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट का मौन रखकर तथा पुष्पांजलि अर्पित कर सेरडिया को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार श्याम महर्षि ने कहा कि भूराराम सेरडिया समाज के बड़े व्यक्तित्व थे। उन्होंने गांधीवादी विचारधारा के साथ लोककल्याण की भावना से समाज और राष्ट्रहित में रचनात्मक कार्य किए। खादी जगत के लिए उनकी निःस्वार्थ सेवाएं आज भी सभी के लिए प्रेरणादायी हैं।
एडवोकेट श्याम सुंदर आर्य ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की एक विचारधारा रही है। वर्तमान समय में इसे जीवित रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, इसलिए युवाओं को आगे आकर खादी आंदोलन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने आत्मनिर्भरता और आमजन को वस्त्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खादी आंदोलन की शुरुआत की थी, जिसे आगे बढ़ाने में सेरडिया का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।

कांग्रेस नेता विमल भाटी ने कहा कि सेरडिया का संघर्ष और त्याग भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने युवाओं और आमजन से खादी की विचारधारा को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से युवा शक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित सामान्य ज्ञान एवं निबंध प्रतियोगिता में अव्वल रहे प्रतिभागियों को अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष तुलछीराम गोदारा, सेवानिवृत्त उपनिदेशक प्रभुदयाल डेलू, भूराराम प्रजापत, कुंभा राम गोदारा, श्रवण कुमार भामू, डालूराम कस्वां, परमेश्वरदास स्वामी, कुंभा राम घिंटाला, धर्माराम कुकणा, जगदीश प्रसाद शर्मा, जयचंद सेरडिया, राजू गुर्जर, रामनिवास महिया, भागुराम जाखड़, सुरजाराम महिया, केशराराम कड़वासरा, शिव पुरोहित, भंवरलाल जाखड़, दयानंद बेनीवाल, अशोक गोदारा, रामनिवास जाखड़ सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, महिलाएं और युवाओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के अंत में भूराराम सेरडिया मेमोरियल संस्थान के संस्थापक सुशील सेरडिया ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।





















