NEXT 4 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र के सातलेरा गांव में विद्युत विभाग की लापरवाही भारी पड़ गई। शुक्रवार दोपहर हल्की बारिश और हवा के झोंकों में 11 केवी और एलटी लाइन आपस में टकरा गईं। इससे अचानक हाई वोल्टेज दौड़ गया और गांव के दोनों नलकूपों की मोटरें जल गईं। कई घरों के बिजली मीटर राख हो गए, वहीं एक दर्जन से अधिक घरों में विद्युत उपकरण और केबल जलकर खराब हो गए।

गनीमत रही कि गांव के युवाओं ने समय रहते बिजली सप्लाई बंद करवा दी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद सूचना मिलने पर विभाग की फॉल्ट रिपेयर टीम (FRT) पहुंची और जले कनेक्शन हटाकर सप्लाई तो शुरू कर दी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया है।
ग्रामीण खुमाराम ने बताया कि जिस हाई वोल्टेज तार से हादसा हुआ, वह अब भी ढीला लटक रहा है। तेज हवा चलने पर फिर टकराव से बड़ा हादसा हो सकता है। गांव की एलटी और थ्री-फेज लाइन भी काफी जर्जर हो चुकी है और आए दिन फॉल्ट होता रहता है।
ग्रामीण राजूराम, हीरालाल, नंदलाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि घटना के 24 घंटे बाद भी न तो कोई अधिकारी और न ही लाइनमैन मौके पर पहुंचे हैं। कई घरों में अब भी बिजली बंद है और केबल जमीन पर पड़ी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, हाईवे के पास लगे ट्रांसफार्मर से गांव और नलकूपों को सप्लाई दी जा रही है, जहां एक ही पोल पर 11 केवी, एलटी और थ्री-फेज लाइन खींची गई है। अब पेयजल आपूर्ति भी इस घटना के बाद बंद हो गई है। कई जगह हाई वोल्टेज तार नीचे लटक रहे हैं, जो खतरा बने हुए हैं।
ग्रामीणों की मांग:
जर्जर केबल बदली जाए, कवरयुक्त तार लगाए जाएं और ढीले तार तुरंत ठीक किए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदारी विभाग की होगी।























