20 माह से बंद एक नलकूप, दो की मोटर जली; टैंकरों पर निर्भर हुए ग्रामीण
NEXT 9 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। जयपुर नेशनल हाईवे पर स्थित सातलेरा गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। गांव के तीनों नलकूप खराब होने से हालात बिगड़ गए हैं और ग्रामीणों को महंगे दामों में पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव का एक नलकूप पिछले करीब 20 माह से बंद पड़ा है, जिससे विभागीय लापरवाही उजागर हो रही है। वहीं, दो अन्य नलकूपों की मोटर एक सप्ताह पहले बिजली सप्लाई लाइन में आए हाई वोल्टेज के कारण जल गई। इनमें से एक नलकूप की मोटर तो निकाल ली गई है, लेकिन अभी तक नई मोटर नहीं लगाई गई है। मेघवालों के मोहल्ले में बने नलकूप की भी कोई सुध नहीं ली गई है।
ग्रामीण मुनीराम हरियाणवी, विश्वजीत सिंह, खींवराज और राजूराम ने बताया कि कई बार अवगत कराने के बावजूद विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे गांव में पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
पशुओं के लिए भी संकट
गांव में पानी की कमी का असर पशुधन पर भी पड़ा है। गौशाला और बेसहारा पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था आपणों गांव सेवा समिति, श्रीडूंगरगढ़ और स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से की जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार आसपास के कृषि कुओं से पानी लाकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं।
लंबे समय से बंद नलकूप पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के सामने बना नलकूप करीब दो साल से बंद पड़ा है। लंबे समय तक बंद रहने से इसके पूरी तरह चौक होने की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने जलदाय विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव के तीनों नलकूपों को शीघ्र ठीक कर नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए।




















