
इस वर्ष शिव आराधना का पावन महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। इस महाशिवरात्रि के दिन ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार कुछ विशेष योग बन रहे हैं। इन विशेष योगों में शिव आराधना, महारुद्राभिषेक करना विशेष फलदायक माना गया है। आइए जानते हैं कब बन रहे है विशेष योग ?
राजयोग : राजगुरु पंडित देवीलाल उपाध्याय ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन प्रातः 11:02 से दोपहर 12: 58 बजे तक वृषभ लग्न रहेगा इस दौरान पंचमेश बुध और नवमेश शनि की युति होने से राजयोग का निर्माण हो रहा है। राजगुरु के अनुसार बुधवार को रात्रि 10:00 से 12:17 बजे तक तुला लग्न रहेगा। इस दौरान तुला लग्न में पंचमेश शनि एवं भाग्येश बुद्ध का युति संबंध होने से राजयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्रों में राजयोग को अति शुभ माना जाता है।
बुधादित्य योग: आचार्य राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ने बताया गोचर कुंडली की गणना के अनुसार महाशिवरात्रि के पहले दिन मंगलवार को बुध ग्रह कुंभ राशि में उदय हो रहे हैं। जहां सूर्य नारायण पहले से स्थित होने से सूर्य एवं बुद्ध की युति महाशिवरात्रि के दिन बुधादित्य योग भी बन रहा है। यह योग महाशिवरात्रि के दिन संपूर्ण अहोरात्र (दिन-रात) रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में बुधादित्य योग को अति शुभ माना गया है। आचार्य के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन बुधादित्य योग का निर्माण होना अति शुभ संकेत है। इस योग में सभी भक्तों को निश्चय ही शिव पूजन करना चाहिए।
क्यों करें शिव पूजन?
राजगुरु पंडित देवीलाल उपाध्याय ने बताया कि यदि किसी की जन्म पत्रिका कालसर्प दोष, ग्रहदोष आदि से पीड़ित है, मारकेश काल चल रहा है, किसी भी ग्रह दशा से पीड़ित है तो उन्हें निश्चय ही शिव पूजन करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को शारीरिक कष्ट चल रहा है, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित चल रहे हैं या किसी गंभीर बीमारी की आशंका है तब उन्हें इस योग में स्वास्थ्य लाभ हेतु शिव पूजन अवश्य करना चाहिए। जो व्यक्ति मानसिक तौर से अशांत रहते हैं उन्हें गाय के कच्चे दूध से शिव अभिषेक अवश्य करना चाहिए इससे मानसिक शांति मिलती है।