NEXT 09 मार्च, 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र का प्रसिद्ध गांव मोमासर अपनी रंगीली परंपराओं और भव्य आयोजनों के लिए विश्व स्तर पर पहचान बना चुका है। यहां आयोजित होने वाली होली उत्सव की खास पहचान गींदड़ और चंग धमाल है, जो हर साल हजारों लोगों को आकर्षित करता है।

11, 12 और 13 मार्च को तीन दिवसीय होली महोत्सव
इस वर्ष भी गांव के मुख्य बाजार में 11, 12 और 13 मार्च को तीन दिवसीय होली महोत्सव भामाशाह सुरेंद्र बोरड़ (पटावरी), बेल्जियम और अरुण संचेती, कोलकाता के आर्थिक सौजन्य से आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। बाबुलाल गर्ग ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता जुगराज संचेती की अगुवाई में पंचों, व्यापारियों, संगठनों के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और युवाओं की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें होली उत्सव को स्वच्छ और परंपरागत रूप से मनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में संचेती ने कहा कि मोमासर की होली गांव की सांस्कृतिक धरोहर है और इसे सफल बनाने के लिए सभी ग्रामीणों की सहभागिता आवश्यक है। सभी नागरिकों ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करने और इसे सफल बनाने का संकल्प लिया।
मोमासर की होली में हर साल न केवल गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल होते हैं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से भी हजारों लोग यहां जुटते हैं। यह उत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक सौहार्द्र का प्रतीक बन चुका है।