NEXT 18 मार्च, 2025। शीतला माता पूजन को लेकर दो परंपराएं प्रचलित हैं, जिससे श्रद्धालु असमंजस में हैं। कुछ लोग षष्ठी तिथि को प्रसाद बनाकर सप्तमी को ग्रहण करते हैं, जबकि कुछ सप्तमी को प्रसाद बनाकर अष्टमी को ग्रहण करने की परंपरा निभाते हैं।
राजगुरु पण्डित रामदेव देवीलाल उपाध्याय ने बताया कि धार्मिक ग्रंथ निर्णय सागर के अनुसार षष्ठी को प्रसाद बनाकर सप्तमी को ग्रहण करना शास्त्रसम्मत बताया गया है। इस वर्ष बासोड़ा पूजन तिथि 21 मार्च, 2025 (शुक्रवार) को निर्धारित की गई है। अतः जो श्रद्धालु शास्त्रोक्त विधि का पालन करना चाहते हैं, वे गुरुवार (20 मार्च) को प्रसाद बनाकर शुक्रवार (21 मार्च) को ग्रहण करें।
पण्डित रामदेव देवीलाल के अनुसार, श्रद्धालु अपनी पारंपरिक रीति के अनुसार पूजन कर सकते हैं, लेकिन धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सप्तमी को प्रसाद ग्रहण करना अधिक उचित माना जाता है।