#टॉप न्यूज़ राजस्थान NEXT विशेष जॉब/ एजुकेशन जीवन मंत्र

श्रीडूंगरगढ़ में नई पंचायत समिति के गठन की तैयारी, राजनीतिक सरगर्मियां तेज, पढ़े विशेष खबर

By Next Team Writer

Published on:

NEXT 2 अप्रैल, 2025। बीकानेर जिले में पंचायत समितियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया जोरों पर है, जिसमें श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र विशेष रूप से केंद्र में है। जिले में सात नई पंचायत समितियों के गठन की योजना बनाई जा रही है, जिसमें श्रीडूंगरगढ़ की कुछ ग्राम पंचायतों को विभाजित कर रिड़ी पंचायत समिति के गठन का प्रस्ताव भी शामिल है। इस प्रस्ताव को लेकर स्थानीय राजनीतिक दलों और जनता के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।

श्रीडूंगरगढ़ में रिड़ी पंचायत समिति का प्रस्ताव

श्रीडूंगरगढ़ की कुछ ग्राम पंचायतों को अलग कर रिड़ी पंचायत समिति के गठन की योजना पर विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव से क्षेत्र में नए विकास कार्यों की संभावनाएं तो बढ़ेंगी, लेकिन साथ ही राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित हो सकते हैं। सत्तारूढ़ भाजपा, माकपा और कांग्रेस इस नए गठन के राजनीतिक प्रभावों का आकलन कर रही हैं।

राजनीतिक समीकरणों में उबाल

रिड़ी पंचायत समिति के गठन से श्रीडूंगरगढ़ की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ेगा। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों इस प्रस्ताव के संभावित लाभ और हानियों पर मंथन कर रहे हैं। खासकर, रिड़ी को पंचायत समिति बनाए जाने से श्रीडूंगरगढ़ के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आ सकता है, जिससे आने वाले चुनावों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।

अन्य प्रस्तावित पंचायत समितियां

श्रीडूंगरगढ़ के साथ-साथ बीकानेर जिले में छतरगढ़, गिरिराजसर, जसरासर और ईस्ट नोखा जैसी नई पंचायत समितियों के गठन पर भी विचार हो रहा है। पंचायत समिति गठन के लिए कम से कम 15 ग्राम पंचायतों और 20 से अधिक गांवों की आवश्यकता होती है, और इस पुनर्गठन से जिले में 50 से अधिक नई ग्राम पंचायतों का सृजन किया जा सकता है।

जनता की प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया

स्थानीय ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति-असहमति व्यक्त कर सकते हैं। 6 अप्रैल तक उपखंड स्तर पर संभावित पंचायत समितियों के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे और 7 अप्रैल को इन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद जनता से आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और अंतिम निर्णय लिया जाएगा

क्या बदलेगा श्रीडूंगरगढ़ में?

  1. रिड़ी पंचायत समिति बनने से प्रशासनिक कार्यों की सुविधा बढ़ेगी।
  2. स्थानीय विकास योजनाओं को गति मिलेगी।
  3. राजनीतिक दलों के समीकरणों में बदलाव संभव।
  4. ग्रामीणों को अपने नजदीक प्रशासनिक सेवाएं मिलने की संभावना।

इस पूरे पुनर्गठन से श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र का विकास एक नए चरण में प्रवेश कर सकता है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए जनता की भागीदारी और प्रशासन की पारदर्शिता बेहद जरूरी होगी।

Next Team Writer

हम, कमल और नारायण, हमें खुशी है कि हम NEXT टीम का हिस्सा है। यहाँ पर हमें कंटेंट मैनेजमेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हमारा उद्देश्य आपको हर विषय पर सटीक और विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। यदि आपको किसी भी विषय पर जानकारी की आवश्यकता हो या कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक हमसे संपर्क कर सकते हैं। हमारा प्रयास है कि आपको पूरी और सही जानकारी मिले।

Advertisement placement

Leave a Comment

WhatsApp Join WhatsApp Group