NEXT 18दिसम्बर, 2024। एक देश एक चुनाव के बारे में पूरे देश में पूरे देश में चर्चा छिड़ी हुई है। स्टूडेंट, गृहणी, बुजुर्ग और हर एक व्यक्ति को इसका जानना जरूरी है कि आखिर एक देश एक चुनाव कैसे देश के लिए बेहतर साबित होंगे और कैसे इसका बिल पास होगा। तो आइए, जानते है NEXT के साथ।
एक देश, एक चुनाव के लिए लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल द्वारा मंगलवार को 129वां संविधान संशोधन बिल पेश किया गया। संसद में इसके लिए वोटिंग भी हुई जिसमें इसके पक्ष में 269 वोट और विपक्ष में 198 वोट पड़े। बिल को पास करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी, जो साबित नहीं हुआ। अब इसे जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) को भेजा जा सकता है। जिससे इस पर सार्थक चर्चा हो सकती है।
पक्ष का क्या कहना है?
-शासन में निरंतरता को बढ़ावा मिलेगा।
-नीतिगत निर्णय लेने में देर नहीं होगी।
-सरकारी अधिकारी और सरकारी संस्थाएं अपनी प्राथमिक भूमिकाओं पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे।
-क्षेत्रीय दलों की प्रासंगिकता बनी रहेगी।
-राजनीतिक अवसरों में वृद्धि होने की संभावना।
-वित्तीय बोझ में कमी आएगी।
विपक्ष का क्या कहना है?
-यह राज्यों की शक्ति कम करने वाला साबित होगा।
-संविधान के मूल ढांचे के विरुद्ध है।
-विधानसभा की स्वायत्तता को इस बिल से खतरा बताया।
अगर एक साथ चुनाव होते हैं तो क्रियान्वयन कैसे होगा?
-सरकार की तीन स्तरों के लिए एकल मतदाता सूची बनेगी।
-लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ होंगे।
-इनके चुनाव के 100दिनों के भीतर नगर निकाय और पंचायतों के चुनाव साथ होंगे।