NEXT प्रयागराज/श्रीडूंगरगढ़ 12 जनवरी, 2025। डॉ. चेतन स्वामी। कुंभ मेला तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित हो रहा है, इस बार विशेष रूप से धूमधाम से मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति के दिन यहां सभी तीर्थों का एकत्रित होना एक अद्भुत संयोग है। श्रीमद् भागवत कथा के दौरान जगत गुरु निम्बार्काचार्य स्वभूराम देवाचार्य ने बताया कि कुंभ मेला संसार का सबसे बड़ा मेला है, जहां गुप्त और प्रकट सभी संतों की उपस्थिति होती है। उन्होंने कहा कि यह संसार कर्मों पर आधारित है और मुक्ति की चाह रखने वाले को अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए।
कुंभ मेला क्षेत्र में एक आकर्षक स्थल बन चुका है प्रभु प्रेमी संघ का पाण्डाल। जिसमें राष्ट्रीय संत अवधेशानंद गिरी कथा कर रहे हैं। इस पाण्डाल में आदि शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा लगी हुई है और इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से सजाया गया है। यहां एक ओर जहां साधारण भण्डारे चल रहे हैं वहीं दूसरे ओर आधुनिक रेस्टोरेंट और दुकानों की भरमार है। यहां ठहरने के लिए पहले से बुकिंग करानी पड़ती है और यह विश्राम स्थान भी काफी महंगा है।
इसकी शिल्पकला और भव्यता देखने के लिए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या यहां आकर्षित हो रही है।
“कुंभ मेला में अवधेशानंद का भव्य पाण्डाल और मकर संक्रान्ति पर सभी तीर्थों का संगम”

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