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ज्योतिष: शनि कुंभ राशि में अस्त होकर इन राशियों पर बरपाएंगे कहर, फूंक–फूंक कर रखना होगा कदम

By Next Team Writer

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शनि ग्रह शनिवार को कुंभ राशि में अस्त हो गए और इसका प्रभाव प्रत्येक मनुष्य के जीवन के विभिन्न आयामों जैसे कि व्यापार, करियर, प्रेम, स्वास्थ्य आदि पर पड़ेगा। इसके अलावा, शनि की अस्त अवस्था के दौरान कुंभ राशि में शुभ योगों का भी निर्माण होगा जिससे कई राशियों को लाभ प्राप्त होगा। लेकिन सबसे पहले जानते हैं शनि अस्त की तिथि और समय के बारे में।  

शनि कुंभ राशि में अस्त: तिथि एवं समय
नवग्रहों में शनि देव को एक ऐसे ग्रह का दर्जा प्राप्त है जिनके नाम से भी लोग भयभीत हो जाते हैं। शनि एक लंबे समय तक अर्थात ढाई साल तक एक राशि में रहते हैं इसलिए इनकी चाल एवं स्थिति में होने वाला बदलाव बहुत मायने रखता है। अब शनि ग्रह 22 फरवरी 2025 की सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर कुंभ राशि में अस्त हो गए। यह इस अवस्था में लगभग 40 दिनों तक रहेंगे और अस्त अवस्था में ही मीन राशि में गोचर कर जाएंगे। ऐसे में, शनि कुंभ राशि में अस्त होकर देश-दुनिया को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकते हैं। आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं जब शनि कुंभ राशि में अस्त होंगे, तब कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे। 
कुंभ राशि में बनेगा त्रिग्रही योग
वैदिक ज्योतिष में एक निश्चित समय के बाद ग्रहों के गोचर होते हैं और इनसे अनेक शुभ-अशुभ योगों का निर्माण होता है। ऐसे में, कुंभ राशि में भी एक साथ तीन ग्रहों की युति बनने जा रही है, जिसमें सूर्य, शनि और बुध ग्रह एक साथ मौजूद होंगे। इन तीन ग्रहों की युति बनने से त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। बता दें कि शनि देव साल 2023 से कुंभ राशि में विराजमान हैं जबकि बुध 11 फरवरी 2025 और सूर्य 12 फरवरी 2025 को कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। हालांकि, इसके कुछ समय बाद शनि देव कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे जिससे परिणाम कुछ कमज़ोर रह सकते हैं।
ज्योतिष में शनि अस्त का महत्व
ज्योतिष में शनि अस्त के महत्व के बारे में जानने से पहले यह जानना जरूरी हो जाता है कि आख़िर क्या होता है ग्रह का अस्त होना?  बता दें कि जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत नज़दीक चला जाता है, तो उसे ग्रह का अस्त होना कहते हैं। सरल शब्दों में कहें तो, किसी ग्रह के सूर्य से 8 डिग्री के भीतर प्रवेश करने को अस्त कहा जाता है। अस्त होने पर ग्रह सूर्य की तीव्र ऊर्जा के कारण अपनी शक्तियां खो देता है जिससे व्यक्ति की अशुभ परिणाम मिलने लगते हैं।
इसी क्रम में, जब शनि देव अस्त हो जाते हैं, तो इनके विशेष गुणों जैसे कि संरचना, अनुशासन, जिम्मेदारी और अधिकार आदि मुख्य रूप से प्रभावित होते हैं। ऐसे में, व्यक्ति के भीतर इन गुणों का प्रभाव कमज़ोर पड़ने लगता है या फिर वह इनका सही उपयोग करने में असफल होने लगता है। साथ ही, इनकी अस्त अवस्था के दौरान लोग सुस्त नज़र आ सकते हैं। साथ ही, न्यायपालिका और कानून से जुड़े मामलों में देरी, हड़ताल जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।   
ज्योतिषीय दृष्टि से शनि ग्रह
शनि ग्रह दायित्व, समस्याओं, अनुशासन, तपस्या और विनम्रता से संबंधित है। 
वहीं, ज्योतिष में शनि महाराज कर्तव्य, आध्यात्मिकता और संरचना को दर्शाते हैं। 
इन्हें न्याय के देवता और कर्मफल दाता कहा जाता है इसलिए यह लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं।
राशि चक्र में शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। 
यह एक राशि में 2 वर्ष 6 महीने तक रहते हैं और इसके बाद, दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं। बता दें कि शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है क्योंकि ये वास्तविकता, तर्क, अनुशासन, कानून, धैर्य, देरी, कड़ी मेहनत, श्रम और दृढ़ संकल्प के प्रतीक हैं। 
शनि ग्रह लोगों को सपनों की दुनिया से बाहर लेकर आते हैं और वास्तविकता से उनका सामना करवाते हैं। 
कुंडली में शनि देव ही साढ़े साती के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह ऐसे साढ़े सात वर्ष होते है जो जातक के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आते हैं। 

कुंडली में कमज़ोर शनि के लक्षण
जिन जातकों की कुंडली में शनि महाराज अशुभ या कमज़ोर होते हैं, वह नीचे दिए गए लक्षणों के माध्यम से इनकी पहचान कर सकते हैं जो कि इस प्रकार हैं:

शनि ग्रह के अशुभ होने पर जातक सट्टेबाजी, शराब और जुए की बुरी लत में पड़ जाता है।
ऐसे इंसान की चप्पल या जूते बार-बार टूटने लग जाते हैं।
कुंडली में शनि के नकारात्मक होने पर इंसान कर्ज़ के तले दबने लगता है।
शनि कमज़ोर होने से जातक की धन-संपत्ति धीरे-धीरे करके नष्ट होना शुरू हो जाती है।
शनि की दुर्बल स्थिति की वजह से आपके घर, मकान या संपत्ति का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है।
इसके अलावा, इनके अशुभ होने पर दुकान या घर में आग लग सकती है।
शनि कुपित होने पर जातक कानूनी या आपराधिक मामलों में फंसकर जेल जा सकता है।
कमज़ोर शनि के बाद चलिए अब जानते हैं किन उपायों से शनि देव की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए अपनाएं ये उपाय
शनिवार के दिन शनि देव के मंदिर जाकर तेल अर्पित करें। साथ ही, तेल का दान भी करें।
शनि ग्रह को कुंडली में मज़बूत करने करने के लिए हनुमान जी की पूजा-अर्चना करें और रोज़ाना हनुमान चालीसा का पाठ करें।
नियमित रूप से काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।
शनि ग्रह से शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए मछलियों को दाना डालें।
मछली, अंडे, शराब और मांस जैसी तामसिक वस्तुओं के सेवन से परहेज़ करें।

मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि महाराज आपके दसवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके ग्यारहवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।
इसके परिणामस्वरूप, यह जातक शनि कुंभ राशि में अस्त के दौरान अपने कार्यों में किये जा रहे प्रयासों में सफलता प्राप्त कर सकेंगे। इस दौरान आप लंबी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं और साथ ही, आपको जीवन में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
करियर को देखें तो, कार्यक्षेत्र में किये गए प्रयासों में आपको भाग्य का साथ मिलेगा और काम के सिलसिले में आपको विदेश जाने के अवसर मिल सकते हैं।
व्यापार की बात करें तो, अगर आपका खुद का व्यापार है, तो आपको अच्छा खासा लाभ कमाने के लिए बिज़नेस में मिल रहे दबाव को संभालना होगा।
आर्थिक जीवन में आपको भाग्य का साथ न मिलने की आशंका है और ऐसे में, आपके सामने कुछ बड़े खर्चे आ सकते हैं।
निजी जीवन में आपको साथी के साथ संचार से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसके चलते आप रिश्ते पर से अपना नियंत्रण खो सकते हैं।
स्वास्थ्य के मामले में, इन जातकों को कंधों में दर्द की शिकायत रह सकती है जिसकी वजह से आप तनाव में आ सकते हैं। ऐसे में, आपकी ख़ुशियों में भी कमी आने की संभावना है।

उपाय: शनिवार के दिन राहु ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।

वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए शनि देव आपकी कुंडली में नौवें भाव और दसवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दसवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

इसके फलस्वरूप, शनि कुंभ राशि में अस्त की अवधि में आपको धन से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ निजी जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, आपको अचानक से लाभ या फिर कुछ नए अवसरों की प्राप्ति होगी।

करियर की बात करें तो, इन जातकों को वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ अच्छा तालमेल बनाए रखने में परेशानी का अनुभव हो सकता है। साथ ही, आपको बेहतरीन काम के लिए सराहना न मिलने का अनुमान है।

व्यापार को देखें तो, जो जातक अपना व्यापार करते हैं, उन्हें इस अवधि में मनमुताबिक लाभ न मिलने की आशंका है इसलिए थोड़ा सोच-समझकर आगे बढ़ें।

आर्थिक जीवन में वृषभ राशि वालों को सही योजना न बनाने और बेकार के खर्चों की वजह से हानि झेलनी पड़ सकती है। इसके अलावा, आप ज्यादा मात्रा में धन कमाने में नाकाम रह सकते हैं।

शनि की अस्त अवस्था में आपके द्वारा कहे गए शब्द पार्टनर को नापसंद आ सकते हैं जिसकी वजह से आपकी ख़ुशियों में कमी आ सकती है। ऐसे में, आपको आपसी तालमेल बनाए रखने की कोशिश करनी होगी।

बात करें स्वास्थ्य की तो, इन जातकों को अपने स्वास्थ्य को लेकर बहुत ज्यादा सावधान रहना होगा क्योंकि आपको दांत में दर्द और आंखों में संक्रमण से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

उपाय: मंगलवार के दिन केतु ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।

मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि ग्रह आपके आठवें भाव और नौवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में यह आपके नौवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

इसके फलस्वरूप, शनि कुंभ राशि में अस्त होने पर आपको भाग्य का साथ न मिलने की आशंका है और ऐसे में, इस दौरान आपको जीवन के बड़े फैसले लेने से बचना होगा।

जब बात आती है करियर की तो, हो सकता है कि इन जातकों को वरिष्ठों से कार्यों के लिए सराहना और प्रशंसा न मिले जिसकी वजह से आप तनाव में नज़र आ सकते हैं।

व्यापार की बात करें तो, आशंका है कि व्यापार करने वाले जातकों की किस्मत इस अवधि में आपका साथ नहीं देगी। इनकी वजह आपको प्रतिद्वंदियों से मिलने कड़ी टक्कर हो सकती है।

आर्थिक जीवन को देखें तो, इस दौरान आप धन कमाने में पीछे रह सकते हैं और अगर आप धन कमा भी लेंगे, तब भी आप उसकी बचत नहीं कर पाएंगे।

बात करें प्रेम जीवन की, तो शनि अस्त की अवधि में आपके मन में खटास पैदा हो सकती है और इसका कारण आपके मन में पार्टनर के प्रति सद्भाव की कमी हो सकती है।

स्वास्थ्य की बात करें तो, मिथुन राशि वाले अपने जीवन साथी की सेहत पर धन खर्च करने के लिए मज़बूर हो सकते हैं और ऐसे में, आपके खर्चे बढ़ सकते हैं।

उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।

कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए शनि महाराज आपकी कुंडली में सातवें भाव और आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके आठवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

इसके फलस्वरूप, शनि कुंभ राशि में अस्त होने के दौरान आपके हाथ से प्रगति के कुछ बेहतरीन अवसर निकल सकते हैं। इसके विपरीत, इन जातकों को अप्रत्याशित रूप से पैतृक संपत्ति के माध्यम से लाभ की प्राप्ति होने के योग बनेंगे।

करियर के क्षेत्र में आपके खर्चे बेतहाशा बढ़ सकते हैं क्योंकि आपके परिवार की जरूरतें बढ़ सकती हैं।

कर्क राशि के जो लोग व्यापार करते हैं, शनि अस्त के दौरान उनके सामने न लाभ और न हानि की स्थिति आ सकती है।

जो जातक अपना व्यापार करते हैं, उन्हें इस अवधि में उतना लाभ नहीं मिलने की संभावना है जितना आपने सोचा होगा क्योंकि आपको बिज़नेस में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है। इन सब परिस्थितियों की वजह से आप तनाव में आ सकते हैं।

आर्थिक जीवन में आपको लापरवाही के कारण हानि उठानी पड़ सकती है और साथ ही, आप अपने स्वास्थ्य पर धन खर्च करने के लिए मज़बूर हो सकते हैं।

बात करें प्रेम जीवन की तो, जीवनसाथी के साथ रिश्ते में संतुष्टि की कमी दिखाई दे सकती है और इसका कारण रिश्ते में प्रेम की कमी या फिर आपका जिद्दी स्वभाव हो सकता है। ऐसे में, आपके रिश्ते की नींव कमज़ोर पड़ सकती है।

स्वास्थ्य को देखें तो, शनि की अस्त अवस्था आपको आँखों में दर्द दे सकती है जिसकी वजह से आपको जलन की समस्या परेशान कर सकती है।

उपाय: शनिवार के दिन शनि ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।

सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों की कुंडली में शनि देव आपके छठे और सातवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में यह आपके सातवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

इसके फलस्वरूप, शनि कुंभ राशि में अस्त के दौरान आपको दोस्तों के साथ समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। ऐसे में, अगर आप उनका दिल जीतना चाहते हैं, तो आपको लगातार प्रयास करते रहने होंगे।

जब बात आती है करियर की, तो सिंह राशि वालों को अपनी नौकरी में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और इसके फलस्वरूप, आपको सफलता पाने के लिए योजना बनाकर चलना होगा।

व्यापार को देखें तो, शनि की इस अवस्था के दौरान आप अधिक मात्रा में लाभ कमाने में नाकाम रह सकते हैं क्योंकि प्रतिद्वंदियों की तरफ से आप पर दबाव बढ़ सकता है।

बात करें आर्थिक जीवन की, तो इस अवधि में लापरवाही के कारण आपको धन हानि झेलनी पड़ सकती है और ऐसे में, आपको बेकार की हानि हो सकती है जो आपकी समस्याओं को बढ़ाने का काम करेगी।

प्रेम जीवन में आपको सोच-समझकर बोलना होगा क्योंकि हो सकता है कि आपकी बातें साथी को पसंद न आए और ऐसे में, आपके रिश्ते में मिठास की कमी रह सकती है।

स्वास्थ्य के मामले में आपको किसी यात्रा के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं जैसे कि पैरों में दर्द आदि का सामना करना पड़ सकता है इसलिए थोड़ा अपना ध्यान रखें।

उपाय: रविवार के दिन सूर्य देव के लिए यज्ञ/हवन करें।

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए शनि महाराज आपके पांचवें भाव और छठे भाव के अधिपति देव हैं और अब यह आपके छठे भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

ऐसे में, शनि की अस्त अवस्था के दौरान आप संतान की प्रगति के बारे में सोच-विचार करते हुए नज़र आ सकते हैं। साथ ही, आपको तनाव और कर्ज़ से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

करियर की बात करें तो, आपके द्वारा कार्यों में किये जा रहे प्रयासों से औसत परिणामों की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि, इस दौरान आप बहुत समर्पित होकर काम करेंगे।

व्यापार को देखें तो, कन्या राशि के व्यापार करने वाले जातकों को बिज़नेस में हानि उठानी पड़ सकती है और ऐसे में, आप मौजूदा व्यापार को छोड़ने पर मज़बूर हो सकते हैं।

शनि कुंभ राशि में अस्त के दौरान आपके सामने एक के बाद एक खर्च आ सकते हैं जो कि आप पर बढ़ती जिम्मेदारियों का नतीजा हो सकते हैं।

प्रेम जीवन में आप जीवनसाथी के साथ बहस में पड़ सकते हैं जिसकी वजह से आप परेशान नज़र आ सकते हैं इसलिए इन परिस्थितियों से बचने के लिए आपको विवाद से बचना होगा।

स्वास्थ्य की दृष्टि से, शनि कुंभ राशि में अस्त होने से आपकी संतान को लेकर चिंता बढ़ सकती है और साथ ही, आपको उनकी सेहत पर काफ़ी पैसा खर्च करना पड़ सकता है।

उपाय: बुधवार के दिन भगवान लक्ष्मी नारायण के लिए यज्ञ/हवन करे

तुला राशि
तुला राशि वालों की कुंडली में शनि देव आपके चौथे और पांचवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके पांचवें भाव में अस्त हो जाएंगे।

इसके फलस्वरूप, शनि कुंभ राशि में अस्त होने के दौरान यह जातक अपने भविष्य को लेकर चिंतित नज़र आ सकते हैं, विशेष रूप से करियर को लेकर।

बात करें करियर की तो, कार्यक्षेत्र में काम में दिखाई गई आपकी बुद्धिमानी को किसी से सराहना न मिलने की आशंका है और इस वजह से आपके वेतन में वृद्धि न होने का भी अनुमान है।

जब बात आती है व्यापार की तो, जिन लोगों का जुड़ाव सट्टेबाजी और ट्रेड के व्यापार से है, उन्हें इस अवधि में औसत लाभ की प्राप्ति होगी। साथ ही, आपके सामने न लाभ न हानि की स्थिति आ सकती है।

आर्थिक जीवन को देखें तो, शनि अस्त के दौरान आपकी आय बढ़ेगी और साथ ही, आपके खर्चों में भी वृद्धि हो सकती है जो आपको परेशान कर सकती है या फिर आप औसत रूप से धन कमा सकेंगे।

बात करें प्रेम जीवन की तो, इस समय पार्टनर के साथ आपके रिश्ते में मधुरता कम रह सकती है जो आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से, इन जातकों को संतान के स्वास्थ्य पर काफ़ी पैसा खर्च करना पड़ सकता है और यह खर्चे बढ़ने के आसार हैं।

उपाय: शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि ग्रह आपके तीसरे भाव और चौथे भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में अब यह आपके चौथे भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

इसके परिणामस्वरूप, इन लोगों को घर-परिवार से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और ऐसे में, आपकी सुख-सुविधाओं की कमी आ सकती है।

करियर के क्षेत्र में शनि कुंभ राशि में अस्त के दौरान आप पर अचानक से काम का दबाव बढ़ सकता है और यह बात आपको परेशान कर सकती है। साथ ही, इस वजह से आप नौकरी में बदलाव करने के लिए मज़बूर हो सकते हैं।

व्यापार को देखें तो, जो लोग खुद का व्यापार करते हैं, उन्हें बिज़नेस में कुछ समस्याओं की वजह से परेशानी का अनुभव हो सकता है। इन सब कारणों से आप अच्छा लाभ कमाने से चूक सकते हैं।

आर्थिक जीवन में शनि की अस्त अवस्था के दौरान आपको परिवार के सदस्यों पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है जो कि बेकार के कार्यों पर हो सकता है।

प्रेम जीवन की बात करें तो, आपके द्वारा कही गई बातें साथी को ठेस पहुंचा सकती हैं और इस वजह से आप दोनों की ख़ुशियां प्रभावित हो सकती हैं।

स्वास्थ्य के मामले में आपको अपनी माता या बुजुर्गो की सेहत पर धन खर्च करना पड़ सकता है जिसकी वजह से आप चिंतित नज़र आ सकते हैं।

उपाय: मंगलवार के दिन भगवान गणेश के लिए हवन करें।

धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए शनि देव आपकी कुंडली में दूसरे भाव और तीसरे भाव के अधिपति देव हैं जो अब आपके तीसरे भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

इसके परिणामस्वरूप, आपको कार्यों में किये जा रहे प्रयासों में सफलता की प्राप्ति होगी जिसके चलते आप संतुष्ट दिखाई देंगे। साथ ही, आपको हर कदम पर अपने भाई-बहन का सहयोग मिलेगा।

करियर की बात करें तो, आप काम से संतुष्ट नज़र आएंगे और ऐसे में, आपको इंसेंटिव और बोनस प्राप्त होने की संभावना है।

व्यापार को देखें तो, शनि कुंभ राशि में अस्त के दौरान व्यापार करने वाले जातकों को लंबी दूरी की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं और ऐसी यात्राएं आपके उद्देश्य की पूर्ति करेंगी।

आर्थिक जीवन में आपकी आय में वृद्धि होगी और ऐसे में, आप धन की बचत करने में सक्षम होंगे।

प्रेम जीवन में इस अवधि में आप और आपके साथी एक-दूसरे से खुलकर बात करेंगे जिससे आपके रिश्ते में प्रेम एवं सौहार्द में वृद्धि होगी।

शनि अस्त के दौरान आपकी सेहत अच्छी रहेगी जिसकी वजह आपकी मज़बूत रोग प्रतिरोधक क्षमता हो सकती है।

उपाय: गुरुवार के दिन ब्राह्मण को भोजन कराएं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों की कुंडली में शनि देव आपके लग्न भाव और दूसरे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके दूसरे भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

शनि कुंभ राशि में अस्त के दौरान आपको मिलने वाले लाभ में कमी आ सकती है। साथ ही, आपको जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

बात करें करियर की तो, यह जातक काम के सिलसिले में लंबी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं जो कि आपके लिए फलदायी न रहने की आशंका है। ऐसे में, आपकी चिंता बढ़ सकती है।

व्यापार की बात करें तो, इन जातकों को सफलता पाने के लिए अपनी बिज़नेस नीतियों पर पुनः विचार करना होगा। हालांकि, आप अपनी प्रतिद्वंदियों को टक्कर देते हुए आगे बढ़ने में सक्षम होंगे।

आर्थिक जीवन में आपकी आय सीमित हो सकती है जो कि आपके लिए पर्याप्त नहीं रहने की आशंका है।

प्रेम जीवन में साथी के साथ आपके रिश्ते में संतुष्टि की कमी रह सकती है और इसके परिणामस्वरूप, आप दोनों के बीच प्रेम का अभाव रह सकता है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से, इन जातकों को अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि आपको दांत दर्द की समस्या परेशान कर सकती है जिसकी वजह इन्फेक्शन होने की आशंका है।

उपाय: शनिवार के दिन दिव्यांगों को भोजन कराएं

कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि महाराज आपके लग्न और बारहवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके लग्न भाव में अस्त होने जा रहे हैं।
इसके परिणामस्वरूप, शनि कुंभ राशि में अस्त के दौरान इन जातकों को सेहत पर ध्यान देने के साथ-साथ और अपने स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने की जरूरत होगी। साथ ही, आपका सारा ध्यान पैसा कमाने पर केंद्रित होगा।
करियर के क्षेत्र में आप बेहतर संभावनाओं को देखते हुए नौकरी में बदलाव कर सकते हैं जिससे आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
व्यापार करने वाले जातक इस अवधि में अपने बिज़नेस की लाइन में परिवर्तन कर सकते हैं और ऐसे में, आपके लाभ में ज्यादा से ज्यादा वृद्धि होगी।
आर्थिक जीवन में आप अच्छा लाभ कमाने से चूक सकते हैं क्योंकि आपको परिवार की जरूरतों पर खर्च करना पड़ सकता है।
प्रेम जीवन में पार्टनर के साथ रिश्ते में अहंकार से जुड़ी समस्याएं जन्म ले सकती हैं जिसके चलते आपकी ख़ुशियां प्रभावित हो सकती हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की आवश्यकता होगी, विशेष रूप से खानपान की आदतों की , क्योंकि आपको पाचन से संबंधित समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

उपाय: शनिवार के दिन हनुमान जी के लिए यज्ञ/हवन करें।

मीन राशि
मीन राशि वालोंके लिए शनि महाराज आपके ग्यारहवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके बारहवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।
इसके परिणामस्वरूप, इन जातकों को शनि अस्त की अवधि में अच्छे और बुरे दोनों तरह के परिणाम मिल सकते हैं।
जब बात आती है करियर की, तो इस दौरान आप काम से ज्यादा संतुष्ट नहीं दिखाई दे सकते हैं और ऐसे में, आप नौकरी में बदलाव कर सकते हैं।
जिन जातकों का खुद का व्यापार है, उन्हें इस दौरान अपने प्रतिद्वंदियों की तरफ से कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह से आप ज्यादा लाभ कमाने में नाकाम रह सकते हैं।

आर्थिक जीवन में धन को सही तरीके से न संभाल पाने और लापरवाही बरतने के कारण आपको हानि झेलनी पड़ सकती है इसलिए थोड़ा सतर्क रहें।प्रेम जीवन में शनि की अस्त अवस्था के दौरान आपका पार्टनर आपसे नाख़ुश रह सकता है जिसकी वजह आप दोनों के बीच में हुई बातचीत हो सकती है। ऐसे में, उनके मन में खटास आ सकती है।स्वास्थ्य की दृष्टि से, मीन राशि के जातकों को पैरों में दर्द की समस्या रह सकती है जिसकी वजह कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता हो सकती है।

उपाय: गुरुवार के दिन गुरु ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।

अधिक जानकारी के लिए आप ज्योतिषाचार्य पण्डित गोपाल शास्त्री व्यास से संपर्क कर सकते हैं। 9929007676

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