पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में रात 10:30 बजे हुआ नेत्रदान, दो लोगों की आंखों में जलेगी रोशनी
NEXT 31 जनवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। मेघासर निवासी और एचडीएफसी बैंक, श्रीडूंगरगढ़ में मैनेजर पद पर कार्यरत केदारमल उपाध्याय की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिजनों ने मानवता की मिसाल पेश की। पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रात्रिकालीन नेत्रदान कराकर उन्होंने जरूरतमंदों की जिंदगी में रोशनी भरने का संकल्प पूरा किया।

घटना 30 जनवरी 2026 की रात करीब 10:30 बजे की है, जब एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल केदारमल उपाध्याय पुत्र गणेशलाल जी को पीबीएम अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज एवं सीएमओ डॉ. एल. के. कपिल तथा नर्सिंग ऑफिसर बलवीर सिंह ने परिजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया।
परिजनों लक्ष्मीनारायण और शिवलाल शर्मा ने तुरंत सहमति देते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। यह नेत्रदान आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान के माध्यम से पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर इमरजेंसी में सम्पन्न हुआ। आई डोनेशन टेक्नीशियन निलेन्द्र सिंह ने समय रहते सुरक्षित रूप से कॉर्निया एकत्रित किया।
नर्सिंग ऑफिसर संघ के जिलाध्यक्ष श्योपत गोदारा ने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता से एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इस प्रेरणादायी निर्णय के लिए परिजनों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान डॉ. सात्विक कच्छावा (सर्जरी रेजिडेंट), डॉ. उत्सव (ऑर्थोपेडिक रेजिडेंट), कविता (नर्सिंग सुपरवाइजर), नर्सिंग ऑफिसर मुकेश कुमार, गणेशाराम सियाग (पुलिस चौकी पीबीएम), अटेंडेंट साबिर, राजेश मोदी, गार्ड बाबूलाल बिश्नोई सहित अन्य स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
















