NEXT 19 नवम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ और कोलकाता के जाने- माने समाजसेवी एवं भामाशाह भीखमचंद पुगलिया और मॉरिशस की प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार डॉ. अलका धनपत को राजस्थान सूचना केंद्र, भारत जैन महिला मंडल और राजस्थान फाउंडेशन की ओर से आयोजित संयुक्त समारोह में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अलका धनपत और भीखमचंद पुगलिया मौजूद रहे। समारोह की अध्यक्षता राजस्थानी प्रचारणी सभा के अध्यक्ष रतन शाह ने की। विशिष्ट अतिथियों में राजस्थान फाउंडेशन कोलकाता चैप्टर के चेयरमैन संतोष राजपुरोहित, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया कोलकाता के संयुक्त महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा, पूर्व प्रोफेसर डॉ. सुधा मल्होत्रा, भारत जैन महिला मंडल से अंजु सेठिया तथा समाजसेवी सुशीला पुगलिया मंचासीन रहे।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में मॉरिशस में हिन्दी साहित्य की बुलंद पहचान बनाने वाली डॉ. अलका धनपत ने इस वर्ष का अहिंसा पुरस्कार सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं भामाशाह भीखमचंद पुगलिया को प्रदान किया। यह सम्मान भारत जैन महिला मंडल की ओर से दिया गया। इस दौरान भीखमचन्द पुगलिया ने कहा कि यह सम्मान मुझे और ज्यादा समाजसेवा और अहिंसा के मार्ग पर प्रगतिशील बनाए रखने के लिए प्रेरित करता रहेगा। पुगलिया ने कहा कि जीवन में अहिंसा के माध्यम से ही विजयश्री का वरण और समस्याओं का निस्तारण सम्भव है।
समारोह का संचालन भारत जैन महिला मंडल कोलकाता की संस्थापक सदस्य एवं समाजसेविका अंजु सेठिया ने किया।




















