NEXT 24 जनवरी, 2025। बिग्गा गांव निवासी नानूराम मेघवाल की दर्दनाक मौत के बाद नेताओं, परिजनों और ग्रामीणों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच हुई वार्ता का पहला दौर असफल रहा। परिजनों ने शव लेने से इंकार करते हुए सभी मांगों को पूरी करने की शर्त रखी है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:
- मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा।
- आश्रित सदस्य को सरकारी नौकरी।
- दुर्घटना के लिए जिम्मेदार विद्युत विभाग के अधिकारी का निलंबन।
- संबंधित ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करना।
- श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की सभी बिजली लाइनों की मरम्मत।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर दबाव डालते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, संघर्ष जारी रहेगा। पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने कहा कि क्षेत्र में बिजली लाइनों की स्थिति खराब है, जिसके चलते ऐसी घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन ने जांच कमेटी बनाकर मामले की जांच का आश्वासन दिया और ठेकेदार से आर्थिक मदद दिलाने की बात कही, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे नकार दिया।
वार्ता में शामिल प्रतिनिधि:
परिजनों की ओर से मृतक के छोटे भाई पन्नालाल मेघवाल, पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, प्रधान प्रतिनिधि केसराराम गोदारा, पीसीसी सदस्य हरीराम बाना, हेतराम जाखड़, कांग्रेस नेता श्रीराम भादू, आरएलपी नेता डॉ. विवेक माचरा, युवा नेता बृजलाल तावणियां, ओमप्रकाश सारण और सहीराम भुंवाल, राजेन्द्र स्वामी शामिल हुए।
प्रशासन की ओर से:
उपखंड अधिकारी उमा मित्तल, तहसीलदार कुलदीप मीणा, बिजली विभाग के एक्सईएन विष्णु मैथी और जेईएन वार्ता में शामिल हुए।
वार्ता के असफल रहने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। विधायक महिया सहित सभी ने प्रदर्शन करने का आह्वान किया। आसपास के गांवों के लोगों से अधिकाधिक संख्या में शनिवार को प्रदर्शन करने की बात कही।