NEXT 11 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। जयपुर नेशनल हाईवे पर स्थित गांव सातलेरा में पेयजल संकट अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लंबे समय से खराब पड़े तीन नलकूपों में से विभाग ने एक नलकूप को सुचारू कर दिया है, लेकिन दो नलकूप अब भी बंद पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक नलकूप से पूरे गांव की जलापूर्ति संभव नहीं है। इससे पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
खबर के बाद हरकत में आया विभाग
गुरुवार को “तीन नलकूप खराब, सातलेरा में पानी के लिए हाहाकार” शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग सक्रिय हुआ और शुक्रवार को एक नलकूप की मोटर ठीक कर उसे चालू कर दिया।
20 महीने से बंद पड़ा एक नलकूप
ग्रामीणों के अनुसार, गांव का एक नलकूप पिछले करीब 20 महीनों से खराब पड़ा है। इतने लंबे समय तक मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है।
घरेलू लाइन से सप्लाई, वोल्टेज की समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि दो नलकूपों की बिजली सप्लाई घरेलू लाइन से दी जा रही है, जिससे पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पाता। इसके कारण मोटर बार-बार जल जाती है और नलकूप सुचारू नहीं हो पा रहे हैं।
लाइन खींची, लेकिन काम अधूरा
विभाग ने नलकूपों के लिए अलग बिजली लाइन तो खींच दी है, लेकिन:
- लाइन पेड़ों के ऊपर से गुजर रही है।
- आए दिन फॉल्ट हो रहे हैं।
- तीन पोल ठीक करने की मांग के बावजूद काम अधूरा है।
- अभी तक ट्रांसफार्मर भी नहीं लगाया गया।
लंबे समय से बंद, चोक होने का खतरा
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि लंबे समय तक बंद रहने से नलकूप चोक हो सकते हैं, जिससे भविष्य में समस्या और बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने विभाग से शेष दो नलकूपों को जल्द चालू करने, विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने और ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है।




















