NEXT 27 फरवरी, 2025। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक और मामला सामने आया है। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने गुरुवार को जब कतरियासर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया, तो वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। न तो डॉक्टर मौजूद थे, न ही मरीजों को पर्चियां दी जा रही थीं, और न ही रजिस्टर में रिकॉर्ड अपडेट था। इस लापरवाही पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं की भरमार
निरीक्षण के दौरान यह साफ हुआ कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सेवाएं भी सुचारू रूप से नहीं चल रही हैं। चिकित्सकों की गैरहाजिरी और मरीजों को दी जाने वाली पर्चियों की अनुपलब्धता से यह साफ हो गया कि यहां मरीजों की जरूरतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। इसके अलावा, आवश्यक रिकॉर्ड का अपडेट न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।

पंचायत कार्यालय और निर्माणाधीन प्रशिक्षण केंद्र की भी हुई जांच
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत कार्यालय और निर्माणाधीन पंचायत प्रशिक्षण केंद्र का भी दौरा किया। उन्होंने पंचायत के कार्यों की समीक्षा की और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रशिक्षण केंद्र बनने से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।
ग्रामीणों ने रखी समस्याएं, कलेक्टर ने दिए समाधान के निर्देश
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं जिला कलेक्टर के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द समाधान के निर्देश दिए।
क्या होगी कार्रवाई?
अब बड़ा सवाल यह है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्या कोई ठोस कार्रवाई होगी या यह मामला सिर्फ चेतावनी तक ही सीमित रहेगा? ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली सरकार की योजनाओं पर भी सवाल खड़े करती है। क्या प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर सख्त कदम उठाएगा या फिर इसे भी अन्य मामलों की तरह भुला दिया जाएगा?