NEXT 19 फरवरी, 2025। राष्ट्रीय स्तर की पावर लिफ्टर और गोल्ड मेडलिस्ट यष्टिका आचार्य (17) की जिम में प्रैक्टिस के दौरान दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। मंगलवार शाम करीब 7 बजे नया शहर थाना क्षेत्र की एक जिम में 270 किलो वजनी रॉड से उनकी गर्दन टूट गई।यष्टिका आचार्य रोज की तरह अपने कोच की मौजूदगी में प्रैक्टिस कर रही थीं। लिफ्टिंग के दौरान जब उन्होंने भारी वेट उठाया, तो संतुलन बिगड़ने से वजन उनकी गर्दन पर आ गया। मौके पर मौजूद अन्य खिलाड़ियों ने तुरंत वजन हटाया, लेकिन तब तक यष्टिका बेहोश हो चुकी थीं। कोच ने उन्हें सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद उन्हें तुरंत पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रतिभाशाली एथलीट थी यष्टिका
कुछ समय पहले ही गोवा में आयोजित 33वीं नेशनल बेंच प्रेस चैंपियनशिप में उन्होंने इक्विप्ड कैटेगरी में गोल्ड और क्लासिक कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था। यष्टिका के पिता ऐश्वर्य आचार्य (50) ठेकेदार हैं। उनकी तीन बेटियां हैं, जिनमें से एक और बेटी भी पावर लिफ्टिंग करती है और इन दिनों स्टेट टूर्नामेंट की तैयारी कर रही है।
परिजनों ने नहीं दर्ज करवाई एफआईआर
नया शहर थाना अधिकारी विक्रम तिवाड़ी के अनुसार, परिजनों ने कोई मामला दर्ज नहीं करवाया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया है, लेकिन अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस अपनी जांच कर रही है।
नया जिम, सुरक्षा सवालों के घेरे में
घटना नत्थूसर गेट के पास स्थित एक जिम में हुई, जो कुछ महीने पहले ही खुला था। हादसे के दौरान जिम में कई अन्य लड़कियां भी ट्रेनिंग ले रही थीं। जिम में सुरक्षा मानकों की जांच को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
कस्बे में खुल हैं जिम, सुरक्षा मानक संदिग्ध: राजस्थान में जिम खोलने के लिए, कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होता है. इसके लिए, लाइसेंस और परमिट लेने, करों के लिए रजिस्टर कराना, और बीमा कराना होता है। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में भी दसों जिम संचालित है परंतु लाइसेंस और सुरक्षा मानक पर कितने खरे उतरते है, यह जांच का विषय है।