NEXT 30 मार्च, 2025। भगवान महावीर ने पूरे विश्व को अहिंसा का संदेश दिया और प्राणी मात्र के कल्याण की भावना से व्यक्ति को संजीदा होने की बात कही। उसी नेक उद्देश्य के साथ मानव धर्म का ध्वज लिए विश्व में साम्प्रदायिक सौहार्द, नैतिकता, नशामुक्ति, सामंजस्य और शांति की अलख जगाने के लिए नवकार कलश रथ यात्रा आज श्रीडूंगरगढ़ पहुंची।

9 अप्रैल को विश्वभर में 6000 जगहों पर होगा सामूहिक नवकार मन्त्र जाप
मानवीय मूल्यों के प्रतिष्ठापन के लिए 9 अप्रैल को पूरे विश्व में एक साथ 6000 जगहों पर नवकार मन्त्र का जाप किया जाएगा। इस दौरान हजारों जैन श्रद्धालुओं द्वारा एक साथ नवकार महामन्त्र का जाप करेंगे।

इसी वैश्विक कल्याण के उद्देश्य के साथ नवकार कलश रथ यात्रा श्रीडूंगरगढ़ पहुंची, जहां श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापन्थ युवक परिषद, तेरापन्थ महिला मंडल द्वारा भव्य स्वागत किया गया। रथ साध्वी सेवा केंद्र मालू भवन पहुंचा। वहां साध्वी संगीत श्री और डॉ. साध्वी परमप्रभा सहित सहवर्ती साध्वियों द्वारा रथ का अवलोकन किया गया और नमस्कार महामन्त्र को मानवता के उन्नयन में सहयोगी बताया। साध्वीद्वय ने कहा कि नमस्कार महामन्त्र में वह शक्ति है जिससे मानव मानवीय गुणों को आत्मसात करके सकारात्मक ऊर्जा से राष्ट्र सहित विश्व को गरिमामय बना सकता है।
तत्पश्चात रथ चालक शंकर वैष्णव का सभी संस्थाओं द्वारा स्वागत किया गया।

इसके बाद श्री ओसवाल पंचायत भवन में रथ पहुंचा। वहां पर संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने रथ का पुष्वर्षण से स्वागत करके मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए इस रथ यात्रा को उपयोगी बताया।

1500किमी की यात्रा कर चुका है, अजमेर में है समापन
नवकार कलश रथ यात्रा में नवकार कलश का प्रतिरूप रखा हुआ है जिसमें निरन्तर नमस्कार महामन्त्र की ध्वनि वायुमंडल में प्रसारित होती रहती है। राजस्थान के अजमेर से 26 मार्च को शुरू हुई यह कलश यात्रा बीकानेर, देशनोक, सूरतगढ़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नोहर, भादरा, तारानगर, चुरू, सरदारशहर, मोमासर होते हुए श्रीडूंगरगढ़ पहुंची है।
श्रीडूंगरगढ़ से आगे राजलदेसर, रतनगढ़, छापर, बिदासर, सुजानगढ़, लाडनूं, मकराना, मेड़ता, नागौर, नोखा, फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर, चौहाटन, धोरीमना, गुड्डा मालानी, बालोतरा, मोकलसर, सिवाना, पाली, सोजत, सादड़ी, फालना, जोधपुर, पीपाड़, भोपालगढ़, गोटन, किशनगढ़, नसीराबाद और उसके बाद 9 अप्रैल को अजमेर जाएगी, जहां यात्रा का समापन होगा।