NEXT 5 अप्रैल, 2025 श्रीडूंगरगढ़। सिंधी कॉलोनी में झूलेलाल की छठी का पर्व सिंधी समाज द्वारा पूरे श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना को भी उजागर करने वाला रहा।

पूजन कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक विधि-विधान से हुई, जिसमें पंडित मांगीलाल उपाध्याय ने नामकरण संस्कार सम्पन्न करवाया। इस वर्ष झूलेलालजी का नाम “दीनदयाल” रखा गया। नाम की घोषणा होते ही मंदिर प्रांगण में “झूलेलाल की जय” के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

समारोह में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने लायक रही। उन्होंने केक काटकर उत्सव का अभिनव रूप प्रस्तुत किया, वहीं भजन-कीर्तन की स्वर लहरियों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। समाज के अधिकांश परिवार इस आयोजन में सम्मिलित हुए और प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम में दरियाशाह ग्रुप द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही, नवरात्र के अवसर पर महाआरती का आयोजन कर भक्तों ने माँ दुर्गा से समृद्धि और सुख-शांति की कामना की।
यह आयोजन सिंधी समाज की जीवंत परंपराओं, एकजुटता और नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी का प्रमाण बना। समाजजनों ने इसे न केवल धार्मिक अनुष्ठान माना, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान के रूप में इसे मनाया।