NEXT 17 नवम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। अपर सेशन न्यायाधीश सरिता नौशाद की कोर्ट ने 9 वर्षीय बच्चे की हत्या के 8 साल पुराने मामले में आरोपी पवन पुत्र मोहनराम निवासी ठेहट, दातारामगढ़ (सीकर) हाल धनेरू को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने बताया कि 29 जनवरी 2018 को केसर देवी पत्नी सुरेश ने रिपोर्ट दी थी कि वह पिछले 5 साल से धनेरू गांव की रोही में अपने बेटे मुकेश (9) के साथ रह रही थी। इसी दौरान उसके जेठ पवन ने मुकेश को ठेहट बुलाया। कुछ दिन बाद पवन ने टोपीदार बंदूक से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने मुकेश के शव को 3 फीट नीचे दबा दिया, ताकि वारदात छिप सके।
13 गवाह, 26 दस्तावेज पेश किए
अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने कोर्ट में 13 गवाह और 26 दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि आरोपी ने एक मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर मानवता को शर्मसार किया है। ऐसे अपराध में सख्त से सख्त सजा जरूरी है।
जज ने कहा- अपराध बेहद अमानवीय
फैसला सुनाते हुए एडीजे सरिता नौशाद ने कहा कि-
“अभियुक्त द्वारा किया गया अपराध मानवीय संवेदनशीलता की दृष्टि से अत्यंत निम्न स्तर का है। मृतक अपनी मां का एकमात्र सहारा था, जिसकी उम्र मात्र 9 वर्ष थी। उचित सजा न मिलने पर अपराधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।”
कोर्ट ने पवन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50,000 रुपए के अर्थदंड का आदेश दिया।
















