NEXT 28 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए न्यायालय में परिवाद पेश किया है। प्रकरण एडवोकेट दीपिका करनाणी के मार्फत अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीडूंगरगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
परिवादिया मीरा पत्नी अजीत (निवासी लालमदेसर, हाल सालासर) ने आरोप लगाया कि उसकी शादी जून 2019 में हिन्दू रीति-रिवाज से सम्पन्न हुई थी। शादी के समय पीहर पक्ष की ओर से दहेज भी दिया गया, जिसे ससुराल पक्ष के पास अमानत के रूप में रखा गया था।
दो लाख रुपए और मोटरसाइकिल की मांग का आरोप
परिवाद के अनुसार, शादी के बाद ससुराल पहुंचने पर पति अजीत, सास संतुदेवी और ससुर चुन्नीलाल ने दहेज में दो लाख रुपए और मोटरसाइकिल की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर उसे पीहर भेज दिया गया और कहा गया कि जब तक दहेज की राशि नहीं लाएगी, तब तक ससुराल में जगह नहीं मिलेगी।
मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि बाद में ससुराल लौटने पर उसके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया गया। उसे ताने दिए गए और नौकरानी की तरह काम करवाया गया। साथ ही गाली-गलौज, मारपीट और भूखा रखने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
घर से निकाला, स्त्रीधन भी नहीं लौटाया
परिवाद में बताया गया है कि करीब 8 महीने पहले मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने अपना स्त्रीधन वापस मांगा, लेकिन ससुराल पक्ष ने देने से इनकार कर दिया। फिलहाल वह अपने पीहर में रह रही है।
परिवाद में मामला दर्ज कर पुलिस जांच के आदेश देने की मांग की गई है।



















