NEXT 17 फरवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ एडीजे कोर्ट नशीले पदार्थों की तस्करी और क्षेत्र में नशे का व्यापार करने वाले तस्करों के खिलाफ सख्त रवैया अपना रहा है। नशीले पदार्थ MDMA के साथ 12 फरवरी को गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों को कोर्ट से राहत नहीं मिली। एडीजे कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
एनएच-11 पर गश्त के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
मामले के अनुसार 12 फरवरी की रात करीब 3 बजे कार्यवाहक थानाधिकारी मोहनलाल गश्त कर रहे थे। इस दौरान एनएच-11 पर हेमासर रोही के पास एक होटल के सामने खड़ी कार संदिग्ध नजर आई। पुलिस ने जब वाहन के पास जाकर पूछताछ की तो उसमें बैठे तीनों युवक घबरा गए और सामान छिपाने का प्रयास करने लगे।
डैशबोर्ड से बरामद हुआ MDMA
संदेह होने पर पुलिस ने कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान डैशबोर्ड में रखी एक प्लास्टिक की थैली से MDMA बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने नशीले पदार्थ को जब्त कर तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में मयंक पुत्र नागरमल शर्मा निवासी बिग्गा बास, नारायण नाथ पुत्र रामस्वरूप नाथ निवासी पूनरासर तथा रविशंकर पुत्र बुलाकी निवासी बिग्गा बास शामिल हैं।
बचाव पक्ष ने नवयुवक होने की दी दलील
एडीजे की अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता ने दलील दी कि तीनों अभियुक्त नवयुवक हैं, उन्हें झूठा फंसाया गया है और उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी शून्य है। इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।
अभियोजन पक्ष ने बताया अपराध गंभीर
वहीं अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने कोर्ट को बताया कि आरोपित अपराध गंभीर प्रकृति का है और अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में MDMA बरामद हुई है। ऐसे में जमानत देना उचित नहीं है।
कोर्ट ने जमानत से किया इनकार
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी के अवलोकन के बाद कोर्ट ने कहा कि अभियुक्तों को जमानत का लाभ देना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता। इसके साथ ही तीनों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।



















