NEXT 26 मार्च, 2025। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के नवम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति को ज्ञान, विवेक और संवेदनशीलता प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अर्जित ज्ञान का उपयोग देश और समाज के उत्थान में करें।

श्रीडूंगरगढ़ की बेटियों ने बढ़ाया मान
इस अवसर पर श्रीडूंगरगढ़ की भावना दुगड़ और प्रियंका डागा को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।

भावना दुगड़ (पुत्री शेखरचंद दुगड़ सरला दुगड़, पौत्री मूलचंद दुगड़) ने एम.एससी (कंप्यूटर साइंस) में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रियंका डागा (पुत्री ललित डागा, पौत्री मदनलाल डागा) ने एम.एससी. (माइक्रोबायोलॉजी) में सर्वोच्च स्थान हासिल किया।
प्राचीन ज्ञान से जुड़कर आधुनिक भारत का निर्माण
राज्यपाल ने बीकानेर को महर्षि कपिल की तपोभूमि बताते हुए कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा अद्वितीय रही है और विद्यार्थियों को इसके आलोक में आधुनिक विकास के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने नई शिक्षा नीति को इस दिशा में युवा पीढ़ी को भारत के गौरव से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
नई शिक्षा नीति और कौशल विकास
राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे विद्यार्थी रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने शिक्षकों से भी नवीनतम ज्ञान अर्जित कर अपडेट रहने और भविष्य के भारत को गढ़ने में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने समारोह में वर्ष 2022 और 2023 के कुल 125 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 134 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की। उन्होंने छात्राओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बताया।