NEXT 15 फरवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रविवार को श्रीडूंगरगढ़ अंचल में भगवान भोलेनाथ की भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा इलाका शिवमय हो गया।

भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, धतूरा और बिल्वपत्र अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की। शिव मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने व्रत रखकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना की।
महाशिवरात्रि के अवसर पर सातलेरा गांव स्थित श्री शिव गौशाला में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से हवन कर पर्यावरण शुद्धि और गांव की खुशहाली की प्रार्थना की। पंडित सत्यनारायण तावनियां के सान्निध्य में हवन कुंड में औषधियुक्त सामग्री सहित घी, खोपरा सहित सामग्री की आहुतियां दी गईं। सामाजिक कार्यकर्ता गौरीशंकर तावनिया ने बताया कि शिव का चराचर जगत है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी है। औषधियुक्त हवन से पर्यावरण शुद्ध होगा।

गौशाला विकास के लिए ग्रामीण रामचंद्र पुत्र जीवणराम जाखड़ ने 21 हजार रुपए तथा जगदीश प्रसाद राणा ने 11 हजार रुपए नगद सहयोग प्रदान किया। वहीं अन्य ग्रामीणों ने भी आपसी सहयोग से आर्थिक सहायता दी।
गौशाला की चारदीवारी निर्माण हेतु पन्नाराम भुवाल, परताराम भुवाल, खीराजराम जाखड़ और भीखराज जाखड़ ने एक-एक गाड़ी पत्थर देने की घोषणा की।

महाशिवरात्रि के अवसर पर स्वर्गीय मुरलीधर तावनियां एवं स्वर्गीय किशनलाल तावनियां की स्मृति में परिजनों द्वारा गौग्रास के लिए सवामणि प्रसाद की बोलवां की गई। रात्रि में गौशाला परिसर में संगीतामय सुंदरकांड पाठ व भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।

इस दौरान युवाओं ने गौशाला परिसर में छायादार पौधे भी लगाए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही।
वहीं बीकानेर-जयपुर नेशनल हाईवे स्थित खाखी धोरा मंदिर में भगवान भोलेनाथ के सवा लाख जप का आयोजन रखा गया।



















