श्रीडूंगरगढ़ में योग-आयुर्वेद संगोष्ठी, 200 से अधिक लोग हुए शामिल
NEXT 1 दिसम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। स्वदेशी विचारधारा के प्रखर प्रचारक स्व. भाई राजीव दीक्षित की 15वीं पुण्यतिथि पर रविवार को सिंधी पार्क में योग व आयुर्वेद संगोष्ठी का आयोजन किया गया। दो घंटे चले इस कार्यक्रम में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य राजीव दीक्षित के स्वदेशी, स्वास्थ्य और राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

युवाओं ने बिना किसी बाहरी सहयोग के संभाला पूरा आयोजन
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि आयोजन पूरी तरह स्थानीय युवाओं- किशन शर्मा, बलराम बेनीवाल, कालूराम मंडा, राजूराम लुखा, अन्नाराम सारण, माधव मित्तल और रामकिशन सारण ने अपने दम पर किया। आयोजकों ने बताया कि किसी भी राजनीतिक दल, संस्था या संगठन से कोई आर्थिक या अन्य सहयोग नहीं लिया गया।

स्वदेशी अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोगों से विदेशी उत्पादों का बहिष्कार कर “स्वदेशी से स्वावलंबी” बनने की अपील की। युवाओं की इस पहल को उपस्थित लोगों ने प्रेरक बताया।
योग व आयुर्वेद विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
सुबह 9 से 11 बजे तक चले सत्र में
- योगगुरु गोविंद सोनी और योग शिक्षक किशन शर्मा ने योग के माध्यम से मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने के उपाय बताए।
- आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. राकेश सोनी ने आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों और दैनिक जीवन में उनके उपयोग पर सरल भाषा में जानकारी दी।

विशिष्ट अतिथियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि योगगुरु गोविंद सोनी, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. राकेश सोनी, श्रवण कुमार सिंधी तथा विशिष्ट अतिथि योगगुरु बेगाराम लुखा, मांगीलाल उपाध्याय और मूलचंद पालीवाल का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। अतिथियों को राजीव दीक्षित की स्मृति में तस्वीरें भेंट की गईं।

स्कूलों के छात्रों और स्थानीय लोगों की रही बड़ी भागीदारी
सेवा धाम, गुरुकुल, भारती निकेतन के छात्र-छात्राओं सहित सिंधी कॉलोनी क्षेत्र के लोग, हॉस्टल इंचार्ज किशन भादू और कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने राजीव दीक्षित के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए बड़ी संख्या में सहभागिता दर्ज कराई।
आयुर्वेदिक काढ़े के साथ मिला पारंपरिक प्रसाद
कार्यक्रम के अंत में जलेबी के साथ सर्दियों में उपयोगी अर्जुन छाल और दालचीनी से तैयार विशेष आयुर्वेदिक काढ़ा प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। इससे कार्यक्रम को स्वास्थ्य जागरूकता का खास आयाम मिला।




















