NEXT 25 सितम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। जीवन को बेहतर बनाने के लिए किताबों का ज्ञान ही नहीं, बल्कि कौशल की समझ भी जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या-2022 के तहत शुरू किया गया प्रबल कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ सोच-समझकर निर्णय लेने और तार्किक ढंग से विचार रखने का मंच देता है। यह बात मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज वीर पूनिया ने कही। वे कस्बे के ताल मैदान स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित उपखंड स्तरीय प्रबल कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में चुनौतियां आती हैं। विद्यार्थी सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से ही इनका सामना कर जीवन को सहज बना सकते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन से हुई। शाला प्रभारी बालाराम मेघवाल ने आगंतुकों का स्वागत किया, जबकि प्रभारी रेणु सोनी ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। प्राचार्य लक्ष्मीकांत वर्मा ने उपखंड स्तरीय आयोजन की जानकारी दी।

डॉ. राधा किशन सोनी ने बताया कि उपखंड के 27 पीईईओ परिक्षेत्र से आए 47 विद्यार्थियों ने 14 थीम्स पर अपने विचार रखे। निर्णायक मंडल ने विषयवस्तु, प्रस्तुति और भाषा के आधार पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जालबसर के बाबूलाल और पं. कन्हैयालाल सिखवाल इंग्लिश मीडियम स्कूल, श्रीडूंगरगढ़ की गार्गी को जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित किया।

निर्णायक मंडल में प्राध्यापक सोनिया आहूजा, सरोज शर्मा, पुष्पा शर्मा और सरोजकुमारी अग्रवाल शामिल रहे। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. मनीष कुमार सैनी ने भी विचार व्यक्त किए।

21वीं सदी के कौशल पीएम श्री गतिविधि प्रभारी भंवरलाल स्वामी की देखरेख में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। संचालन प्राध्यापक मदनलाल कड़वासरा ने किया। आयोजन में सुरभि पारीक, शुभकरण बिस्सू, राधेश्याम रैगर, गोपालराम चौधरी व सुखाराम रैगर ने सहयोग किया।
अंत में प्राध्यापक दीपक चौधरी ने आभार जताया।




















