₹15 हजार से ₹2 लाख तक स्टूडेंट फंड से होगा खर्च, पहली बार त्योहार पर सौंदर्यीकरण की पहल
NEXT 5 अक्टूबर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान शिक्षा विभाग ने दीपावली से पहले सरकारी स्कूलों को स्वच्छ और आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रंग-रोगन, पेंटिंग, गेट मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य करवाने के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट (IAS) ने 4 अक्टूबर 2025 को जारी किया है। आदेश शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्देशों के तहत जारी हुआ है।

किन स्कूलों पर लागू होंगे निर्देश
यह आदेश प्रदेश के लगभग 20,250 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों पर लागू होगा। हालांकि, इसे केवल उन्हीं स्कूलों में लागू किया जाएगा जिनके पास विद्यार्थी विकास कोष (Student Development Fund) में पर्याप्त राशि उपलब्ध है। इन स्कूलों को दीपावली से पहले अपने भवनों में सफाई, रंग-रोगन और मरम्मत का कार्य पूरा करना होगा।


खर्च की सीमा और नियम
प्रत्येक विद्यालय को आदेश दिया गया है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ₹15,000 से ₹2,00,000 तक की राशि विद्यार्थी विकास कोष से खर्च कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य राजस्थान लोक उपापन पारदर्शिता अधिनियम 2012, नियम 2013 और सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियमों के तहत ही करवाया जाए। इससे खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
एक समान रंग संयोजन में होगा सौंदर्यीकरण
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को कलर कोड और डिजाइन पैटर्न भेज दिए हैं। इसके तहत स्कूलों की दीवारें, नाम पट्ट, गेट और मुखमंडल (फ्रंट फसाड) एक समान रंग संयोजन में पेंट किए जाएंगे। आदेश में साफ कहा गया है कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से करवाया जाए ताकि दीपावली से पहले सभी स्कूलों में काम पूरा हो सके।
पहली बार दीपावली पर सौंदर्यीकरण का आदेश
अब तक सरकारी स्कूलों में समय-समय पर मरम्मत और सफाई का काम होता रहा है, लेकिन दीपावली जैसे त्योहार से पहले विशेष रंग-रोगन अभियान का यह पहला मौका है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि जब दीपावली पर घर-आंगन सजते हैं, तो सरकारी स्कूल भी उसी तरह स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक दिखें।
क्या है विद्यार्थी विकास कोष
हर सरकारी स्कूल में छात्रों से ली जाने वाली विभिन्न फीस जैसे प्रवेश शुल्क, ट्रांसफर सर्टिफिकेट शुल्क, परीक्षा शुल्क आदि विद्यार्थी विकास कोष में जमा की जाती हैं। इस कोष का उपयोग स्कूल की सफाई, पेंटिंग, मरम्मत और अन्य छोटे विकास कार्यों में किया जाता है। अब इसी फंड से दीपावली से पहले सजावट और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
लक्ष्य और उद्देश्य
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि दीपावली से पहले सभी चयनित स्कूलों में यह कार्य पूरा हो जाए। इस अभियान का उद्देश्य है कि सरकारी स्कूलों की छवि में सुधार हो, विद्यार्थियों और अभिभावकों में गर्व और अपनत्व की भावना बढ़े, और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश फैले। यह पहल “स्वच्छ विद्यालय – सुंदर विद्यालय” की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है।




















