NEXT 16 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। अपर सेशन न्यायालय श्रीडूंगरगढ़ की न्यायाधीश सरिता नौशाद ने स्कॉर्पियो लूट के एक मामले में चार आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित किया। अदालत ने पाया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
प्रकरण के अनुसार परिवादी शमशेर सिंह पुत्र रामावतार ने 4 अगस्त 2013 को श्रीडूंगरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि वह अपनी खरीदी हुई स्कॉर्पियो गाड़ी से बीकानेर से छोगावास जा रहा था। उसके साथ देवीसिंह भी था। रात करीब 11 बजे श्रीडूंगरगढ़ से सरदारशहर रोड की ओर जाते समय एक बोलेरो कैंपर ने उनका पीछा किया और जैतासर के पास पिस्तौल दिखाकर स्कॉर्पियो लूट ली। परिवादी के अनुसार कैंपर में 5-6 लोग सवार थे।
मामले में आरोपी संदीप कुमार पुत्र महेंद्रसिंह, हरिराम उर्फ हरिसिंह पुत्र निराणाराम, अभिषेक उर्फ टोनी पुत्र गजराजसिंह और दिनेश पुत्र ओमप्रकाश की ओर से अधिवक्ता रणवीरसिंह खीची ने अदालत में दलील दी कि परिवादी ने अदालत में घटना की पुष्टि नहीं की और न ही आरोपियों को घटना में शामिल होना बताया। साथ ही आरोपियों से कोई बरामदगी भी नहीं हुई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।



















