NEXT 28 फरवरी, 2025। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र लाभार्थियों के स्वेच्छा से लाभ परित्याग के लिए चलाए जा रहे ‘गिव अप अभियान’ के तहत अब तक जिले में 26 हजार से अधिक लोगों ने अपने नाम हटवा लिए हैं। इस संबंध में 31 मार्च, 2025 तक अपात्र लाभार्थियों को स्वयं अपना नाम हटवाने का अवसर दिया गया है। इसके बाद ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ राशि वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
26 हजार से अधिक लोगों ने छोड़ा लाभ
जिला रसद अधिकारी नरेश शर्मा ने बताया कि आमजन में जागरूकता बढ़ने के कारण सक्षम व्यक्ति स्वयं योजना से नाम कटवाने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालय में प्रतिदिन ऐसे आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत लाभार्थी स्वेच्छा से अपना नाम हटा सकते हैं।
31 मार्च के बाद होगी कार्रवाई
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल अपात्र परिवारों को 31 मार्च 2025 तक स्वयं नाम हटवाने का मौका दिया गया है। इसके बाद अपात्र लोगों के विरुद्ध राशि वसूली एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है, जिसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 लागू किया गया था।
अपात्र लाभार्थियों को जारी किए गए नोटिस
उन्होंने बताया कि जिले में 90 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रवर्तन टीम द्वारा जांच में इन लाभार्थियों को अपात्र पाया गया, जिनसे अब वसूली सहित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कौन हैं अपात्र?
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अधिसूचना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग निष्कासन श्रेणियां निर्धारित हैं। अपात्र लाभार्थियों की श्रेणियां इस प्रकार हैं:
आयकर दाता
सरकारी/अर्धसरकारी कर्मचारी एवं पेंशनर
वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक वाले व्यक्ति
चार पहिया वाहन धारक
शहरी क्षेत्र में 1000-1500 वर्गफुट से अधिक का पक्का मकान रखने वाले
ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्गफुट से अधिक का पक्का आवास/व्यवसायिक परिसर धारक
निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि धारक
नाम कैसे हटवाएं?
अपात्र या सक्षम परिवार के मुखिया स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र में नाम, पता, राशन कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर अंकित कर हस्ताक्षर सहित निकटतम उचित मूल्य दुकान, उपखंड अधिकारी कार्यालय या जिला रसद कार्यालय में जमा किया जा सकता है। आवेदन पत्र नि:शुल्क उपलब्ध हैं।
बीकानेर में 13 लाख से अधिक लाभार्थी
वर्तमान में बीकानेर जिले में 2 लाख 98 हजार 117 परिवारों के 13 लाख 2 हजार 692 सदस्य इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने सक्षम लोगों से योजना का लाभ त्यागने और जरूरतमंदों के लिए इसे उपलब्ध कराने की अपील की है।
“गिव अप अभियान” में अब तक 26 हजार लोगों ने छोड़ा लाभ, 31 मार्च तक हटवाएं नाम, अन्यथा होगी वसूली व कानूनी कार्रवाई

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