#टॉप न्यूज़ राजस्थान NEXT विशेष जॉब/ एजुकेशन जीवन मंत्र

प्रयागराज में एकादशी पर श्रद्धालुओं ने किया स्नान, आत्महत्या का शास्त्रों में नहीं है उल्लेख: राधा मोहन शरण महाराज

By Next Team Writer

Published on:

NEXT प्रयागराज/श्रीडूंगरगढ़ 10 जनवरी, 2025। डॉ. चेतन स्वामी। महाकुंभ क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर निम्बार्क संप्रदाय के जगतगुरु राधा मोहन शरण देवाचार्य महाराज ने आत्महत्या को जघन्य पाप करार दिया। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में प्राण त्यागने की विधि का उल्लेख है, परंतु आत्महत्या जैसा कृत्य शास्त्रों में कहीं भी मान्य नहीं है। उन्होंने इसे तामसिक योनि का कारण बताते हुए इससे बचने का आह्वान किया।
महाराज ने कहा कि हमारे शरीर का निर्माण त्रिगुणात्मक और सतरह तत्त्वों से हुआ है। कार्मण शरीर हमारे कर्मों के साथ अगले जन्म में जाता है। चार जगह अधर्म का निवास—जुआ, मदिरापान, वेश्यावृत्ति और जीव हत्या से बचने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा जीवन जीने का मार्ग दिखाती है।


संतों और श्रद्धालुओं की शोभायात्रा निकली
एकादशी के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। कुंभ के सेक्टर 19 व 20 में तीन अखाड़ों के संतों ने ऊंट, घोड़ों और रथों पर भव्य शोभायात्रा निकाली। संतों और श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और चहल-पहल देखने लायक थी।
श्रद्धालुओं का स्नान और भंडारे
घने कोहरे के बावजूद सुबह चार बजे से ही संगम में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। साधुओं और श्रद्धालुओं के लिए सैकड़ों भंडारों का आयोजन किया गया। कथा पीठ पर डॉ. चेतन स्वामी ने कहा कि कुंभ हमें संत परंपरा और उनके स्वभाव को जानने का अवसर प्रदान करता है।
इस दौरान कथा के यजमान हरिप्रसाद जांगिड़ और डॉ. चेतन स्वामी का सम्मान भी किया गया। महाराज ने कहा कि धर्म और साधना से ही जीवन सार्थक होता है।

Next Team Writer

हम, कमल और नारायण, हमें खुशी है कि हम NEXT टीम का हिस्सा है। यहाँ पर हमें कंटेंट मैनेजमेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हमारा उद्देश्य आपको हर विषय पर सटीक और विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। यदि आपको किसी भी विषय पर जानकारी की आवश्यकता हो या कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक हमसे संपर्क कर सकते हैं। हमारा प्रयास है कि आपको पूरी और सही जानकारी मिले।

Advertisement placement

Leave a Comment

WhatsApp Join WhatsApp Group