NEXT 16 नवंबर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। मोमासर के तेरापंथ भवन में ‘तेरापंथ मेरा पथ’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपासिका पुष्पा नौलखा और अंकिता मालू ने तेरापंथ की शिक्षाओं और आचार्य भिक्षु के जीवन पर अपने विचार साझा किए।

आचार्य भिक्षु की शिक्षाओं पर चर्चा
उपासिका पुष्पा नौलखा ने आचार्य भिक्षु को 18वीं शताब्दी के धर्म क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने सत्य और चारित्रिक अनुशासन के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समझाया कि दुनिया में कई रास्ते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि रास्ता हमें सही दिशा में ले जा रहा है। द्रव्य और भाव पूजा, गुणों की पूजा और शुद्ध साधन के द्वारा शुद्ध साध्य की प्राप्ति के महत्व पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।

तेरापंथ का मार्ग और मर्यादा
अंकिता मालू ने बताया कि तेरापंथ धर्म की कसौटियों पर क्यों खरा उतरता है। उन्होंने तेरापंथ की मर्यादा, संगठन और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया।
कार्यशाला सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चली। इस अवसर पर अणुव्रत समिति अध्यक्ष सुमन बाफना, मंत्री राकेश संचेती, जगत पटावरी, पुष्पा पटावरी, कमल सेठिया, कंचन पटावरी, कल्पना सेठिया और अन्य उपस्थित थे। सभा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक पटावरी सहित बड़ी संख्या में श्रावक समाज भी उपस्थित रहा। सभी आगंतुक बहनों का दुपट्टा उढ़ाकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन राकेश संचेती ने किया। कार्यशाला ने उपस्थित लोगों को तेरापंथ के मार्ग और आचार्य भिक्षु की शिक्षाओं का गहरा अनुभव प्रदान किया।




















