अंधाधुंध कटाई रोकने के लिए राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, कठोर कानून बनाने की मांग
NEXT 5 फरवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी आज अंधाधुंध कटाई के कारण संकट में है। विकास के नाम पर लगातार हो रही खेजड़ी वृक्षों की कटाई को लेकर बीकानेर संभाग मुख्यालय पर चल रहे ‘खेजड़ी बचाओ महापड़ाव आंदोलन’ को अब अभिभाषक संघ श्रीडूंगरगढ़ का भी समर्थन मिला है।

अभिभाषक संघ की ओर से अध्यक्ष एडवोकेट ललित मारू की अगुवाई में राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी शुभम शर्मा को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि खेजड़ी वृक्ष न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान का भी प्रतीक है।
मीडिया प्रभारी एडवोकेट पुखराज तेजी ने बताया कि संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि बिश्नोई समाज सहित सर्व समाज खेजड़ी वृक्ष की कटाई रोकने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है, लेकिन प्रभावी कानून के अभाव में कटाई पर पूर्ण रोक नहीं लग पा रही है।

राज्य सरकार से कठोर कानून बनाने की मांग
अभिभाषक संघ ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे राज्य सरकार को निर्देशित करें कि खेजड़ी वृक्ष के संरक्षण हेतु तत्काल प्रभाव से प्रभावी व कठोर कानून बनाया जाए, जिससे अंधाधुंध कटाई पर रोक लगे और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल सके।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
इस दौरान एडवोकेट साजिद खान, गोपीराम जानू, लेखराम चौधरी, मांगीलाल नैण, बाबुलाल दर्जी, ओमप्रकाश पंवार, पूनमचंद मारू, राजूराम जाखड़, कैलाश सारस्वत, पुखराज तेजी, सुखदेव व्यास, पंकज पंवार, संजय बोहरा, बृजेश पुरोहित, भँवरलाल गोदारा, अबरार मोहम्मद, बजंरग ज्याणी, रणवीर सिंह खीची, राजूराम बाना, मोहननाथ सिद्ध, मदन गोपाल स्वामी, ओमप्रकाश मोहरा, जयप्रकाश मीणा, भागीरथ नायक, अश्विनी व्यास, कैलाश व्यास, ओमप्रकाश मिडिल, राजाराम नैण आदि मौजूद रहे।
















