सरकार से सहमति के बाद फैसला, रोजाना 90 हजार यात्रियों को मिलेगी राहत
NEXT 27 फरवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। निजी बस संचालकों की तीन दिन चली हड़ताल समाप्त हो गई है। सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच सहमति बनने के बाद आज से जिले की करीब 1500 निजी बसें फिर सड़कों पर उतरेंगी। इससे रोजाना सफर करने वाले लगभग 90 हजार यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
हड़ताल खत्म करने की घोषणा बीकानेर बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष समुंद्र सिंह राठौड़ ने की। उन्होंने बताया कि जयपुर में सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठक में अधिकांश मांगों को मान लिया गया है, जबकि शेष मांगों पर भी सहमति बन गई है।
रोडवेज और रेलवे पर बढ़ा था दबाव
तीन दिन तक निजी बसों के बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। रोडवेज बसों में सीटें नहीं मिलने से महिलाओं को भी खड़े होकर सफर करना पड़ा, वहीं रेलवे में वेटिंग सूची लंबी हो गई थी।
इन मांगों पर बनी सहमति
बैठक में टैक्स दरों में राहत, परमिट नवीनीकरण प्रक्रिया को सरल करने, रोड टैक्स व जुर्मानों में कमी और डीजल कीमतों के अनुरूप किराया पुनर्निर्धारण जैसे मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी है।
बसों की वापसी से मिलेंगे ज्यादा विकल्प
श्रीडूंगरगढ़ बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद गुर्जर ने कहा कि निजी बसों के दोबारा संचालन से रोडवेज पर दबाव कम होगा और यात्रियों को यात्रा के ज्यादा विकल्प मिलेंगे। औसतन 60 यात्रियों प्रति बस के हिसाब से प्रतिदिन करीब 90 हजार यात्रियों को सीधा फायदा होगा।
यात्री बोले- अब राहत मिली
श्रीडूंगरगढ़ के विजयसिंह राजपुरोहित, जो रोज निजी बस से बीकानेर जाते हैं, कहते हैं कि “तीन दिन बहुत परेशानी हुई। अब बसें चलने से समय पर सीट मिलेगी और सफर आसान होगा।”




















