प्रत्येक मनुष्य की यह सोच होती है कि हमारा राष्ट्र मजबूत बने और इस दिशा में हम सभी का योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण होता है। राष्ट्र को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका विशेष होती है। हर माता-पिता और शिक्षक का सपना होता है कि उनके बच्चे उच्च पदों पर आसीन हों, बलशाली, प्रत्युत्पन्नमति और सादा जीवन उच्च विचार रखने वाले बनें। यह सब केवल सोचने और कहने से संभव नहीं होता। इसके लिए हमें भरसक प्रयास करना होगा।
युवा वर्ग का महत्त्व
» हम सभी मानते हैं कि राष्ट्र की ताकत युवा वर्ग है।
» युवा वर्ग को सकारात्मक सोच और संघर्षपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
» आज का युवा सोशल मीडिया के प्रभाव के कारण दिशाहीन हो रहा है। इसे सही मार्ग पर लाने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
स्वामी विवेकानंद के विचार
» स्वामी विवेकानंद ने कहा था, “उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो।”
» इस कथन का गहन अर्थ हमें युवा वर्ग को समझाना होगा।
» जीवन संघर्षों की एक जंग है और इस जंग में वही जीतता है जो अपने लक्ष्य को निर्धारित करते हुए निरंतर आगे बढ़ता है।
युवाओं के लिए समय
» युवा वर्ग को यह समझना आवश्यक है कि उनके पास अभी समय और स्वर्णिम अवसर हैं।
» माता-पिता और शिक्षक का मार्गदर्शन अभी है, लेकिन यह सदा नहीं रहेगा।
» यदि समय रहते उन्होंने अपनी समझ विकसित नहीं की, तो बाद में पछताने का अवसर भी नहीं रहेगा।
युवा वर्ग के लिए संदेश
» राष्ट्र तभी मजबूत बनेगा, जब युवा नशे से दूर रहकर संघर्ष और सकारात्मकता से अपने जीवन का निर्माण करेंगे।
» एक प्रभावी व्यक्तित्व वही है जो सादा जीवन और उच्च विचारों का पालन करता है।
» दिखावे की जिंदगी घातक होती है। इसलिए यथार्थ को स्वीकार करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
समय का महत्त्व
» समय की कीमत को समझो, क्योंकि जीवन में अवसर बार-बार नहीं मिलते।
» जो सुविधाएं उपलब्ध हैं, उनका सदुपयोग करते हुए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास करना चाहिए।
» विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए।
संघर्ष का पहला नाम है युवा,
मजबूत राष्ट्र की पहचान है युवा।
नशे से दूर इनको रहना होगा,
तब ही इनको अपना लक्ष्य प्राप्त होगा।