नेत्र चिकित्सालय में डेमो टेस्ट, डिजिटल और स्मार्ट मीटर की रीडिंग निकली एक जैसी
NEXT 16 सितम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में यह भ्रांति फैल रही है कि इससे बिजली का बिल ज्यादा आएगा। जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। यह कहना है विद्युत विभाग के एईएन चंद्रेश कुमार यादव का।
उन्होंने बताया कि 2 सितम्बर को राजकीय नेत्र चिकित्सालय में स्मार्ट मीटर लगाया गया। वहां तीन फेज और सिंगल फेज वाले डिजिटल और स्मार्ट मीटर की रीडिंग बिल्कुल समान आई। ऐसे में उपभोक्ताओं को डरने या भ्रमित होने की कोई जरूरत नहीं है।
एईएन यादव ने कहा कि स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि रीडिंग लेने वाले कार्मिकों की मनमानी खत्म होगी।
अक्सर शिकायत रहती थी कि रीडिंग लेने वाला आया ही नहीं और मनमर्जी से रीडिंग दर्ज कर दी। अब यह समस्या खत्म हो जाएगी, क्योंकि स्मार्ट मीटर हर महीने की पहली तारीख को ऑटोमेटिक सिस्टम को रीडिंग भेज देगा। और उपभोक्ता को समय पर अपना सही बिल मिल जाएगा।
“स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता निश्चिंत रहें, इससे बिल ज्यादा नहीं आएगा बल्कि पारदर्शिता बढ़ेगी।”
– एईएन चंद्रेश कुमार यादव




















