अल्पावधि में ग्राम सभा के आदेश पर नाराजगी, 20 मार्च की सभाओं का बहिष्कार
‘पदोन्नति नहीं तो काम नहीं’ आंदोलन का ऐलान, 8 अप्रैल को CM आवास घेराव
NEXT 19 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान में पंचायती राज विभाग द्वारा अवकाश के दिनों में लगातार चलाए जा रहे अभियानों से कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम विकास अधिकारियों का आरोप है कि विभाग ग्राम पंचायतों को टेंट और इवेंट मैनेजमेंट इकाइयों में बदल रहा है।
संगठन का कहना है कि एकल एजेंडे पर प्रतिदिन आयोजित की जा रही ग्राम सभाएं राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 और नियम 1996 का उल्लंघन हैं। ताजा मामले में 20 मार्च को ग्राम सभा आयोजित करने के लिए 19 मार्च को ही आदेश जारी कर दिया गया, जबकि नियमानुसार 15 दिन पहले एजेंडा जारी करना अनिवार्य है। विशेष ग्राम सभा के लिए भी कम से कम तीन कार्य दिवस पूर्व सूचना देना जरूरी है।
ग्राम विकास अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह जल्दबाजी में एजेंडा जारी करने से भविष्य में कानूनी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। इसी के चलते संगठन ने 20 मार्च की प्रस्तावित ग्राम सभाओं का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही, पिछले 10 महीनों से लंबित पदोन्नतियों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज संगठन ने ‘पदोन्नति नहीं तो काम नहीं’ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
आंदोलन के तहत 23 मार्च को जिला कलेक्टर और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में 8 अप्रैल को राज्यभर के ग्राम विकास अधिकारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।



















