कार व 5 लाख की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना का आरोप; 15 माह पीहर में रहने को मजबूर
NEXT 24 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र की एक विवाहिता ने अपने पति व ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और घर से निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने एडवोकेट दीपिका करनाणी के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीडूंगरगढ़ के न्यायालय में परिवाद पत्र प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई है।
परिवाद के अनुसार, प्रार्थिनी सुमन पुत्री बंशीलाल की शादी 23 जून 2023 को संदीप कुमार पुत्र पुरुषोत्तम निवासी रतनगढ़ के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से संपन्न हुई थी। विवाह के समय उसके परिजनों ने अपनी हैसियत से बढ़कर सोने-चांदी के आभूषण, घरेलू सामान व नकद राशि स्त्रीधन के रूप में ससुराल पक्ष को सौंपे थे।
पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पहुंचते ही पति, सास-ससुर व अन्य परिजनों ने दहेज में कार और 5 लाख रुपए नकद की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसे पर्याप्त भोजन नहीं दिया जाता था और घर में नौकरानी की तरह काम करवाया जाता था।
परिवाद में यह भी उल्लेख है कि पहली ही रात पति ने दहेज की मांग पूरी होने तक वैवाहिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद लगातार गाली-गलौच, अपमान और मारपीट की घटनाएं होती रहीं।
समझाइश के बाद भी नहीं बदला व्यवहार
पीड़िता के अनुसार, कई बार उसके पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल जाकर समझाइश की, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। करीब 15 माह तक वह अपने पीहर में रहने को मजबूर रही। बाद में समझौते के प्रयास के बाद वह दोबारा ससुराल गई, लेकिन वहां भी उत्पीड़न जारी रहा।
दो माह पहले फिर निकाला घर से, जान से मारने की धमकी
परिवाद में बताया गया है कि करीब दो माह पूर्व ससुराल पक्ष ने उसे धक्का देकर घर से निकाल दिया और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद से वह अपने पीहर में रह रही है।
कोर्ट से कार्रवाई की मांग
प्रार्थिनी ने न्यायालय से मांग की है कि उसके परिवाद को दर्ज करके स्त्रीधन वापस दिलाया जाए तथा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।



















