NEXT 5 सितम्बर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। मानवता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए श्रीडूंगरगढ़ निवासी स्वर्गीय फूसराज चौपड़ा के निधन के बाद परिजनों ने उनका मरणोपरांत नेत्रदान करवाया। खास बात यह है कि चौपड़ा परिवार द्वारा किया गया यह दूसरा नेत्रदान है। इससे पहले फूसराज चौपड़ा के छोटे भाई के निधन के बाद भी परिवार ने नेत्रदान का पुनीत कार्य किया था।

60 वर्षीय फूसराज चौपड़ा का निधन 5 सितंबर 2026 को हुआ। उनके निधन के बाद परिजनों को चमन श्रीमाल और अमित चौपड़ा ने नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पत्नी चंदादेवी, पुत्र यश तथा पुत्रियां श्वेता बाफना, स्वीटी श्रीमाल और मेघना चौपड़ा सहित परिजनों ने सर्वसम्मति से नेत्रदान का निर्णय लिया।
नेत्रदान की प्रक्रिया प्राणनाथ हॉस्पिटल और तेरापंथ युवक परिषद, सरदारशहर के आई बैंक के सहयोग से संपन्न हुई। इस दौरान परिषद के सलाहकार अशोक झाबक, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के नेत्रदान राष्ट्रीय प्रभारी कैलाश तातेड़ तथा थली प्रभारी लोकेश सेठिया का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा।
परिजनों के इस निर्णय से दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में रोशनी पहुंचने की उम्मीद है। एक ही परिवार द्वारा दूसरी बार नेत्रदान करवाने की पहल क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण बनी है।
इस अवसर पर राजकुमार बाफना, छगनलाल चौपड़ा, जगदीशराय मालू, विशाल डाकलिया, ऋषि झाबक, शीतल चौपड़ा, राहुल चौपड़ा, ऋषभ झाबक, शूरवीर मोदी, दिनेश करनाणी, जतन राजपुरोहित, प्रदीप चौपड़ा, शुभम सिंघी, रतनलाल गंग, धनपत मालू सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।































