NEXT 28 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ अंचल में उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह होते ही घरों में पूजा की थाली सजी और बहनों ने भाइयों की कलाई पर प्रेम व विश्वास का रक्षासूत्र बांधा। तिलक, आरती और मिठाई के साथ बहनों ने भाइयों की सुख-समृद्धि व लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपना स्नेह जताया।
पर्व की शुरुआत कई घरों में ईष्ट देव की पूजा के साथ हुई। मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं को राखी अर्पित की। इसके बाद बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर पारिवारिक परंपरा निभाई। बच्चों में पर्व को लेकर खासा उत्साह रहा। सोशल मीडिया पर रक्षाबंधन के स्टेटस चलते रहे।
बाजारों में राखियों से लेकर मिठाइयों तक रौनक
रक्षाबंधन को लेकर श्रीडूंगरगढ़ के बाजारों में भी सुबह से ही चहल-पहल रही। राखियों की दुकानों पर रंग-बिरंगी राखियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। मिठाई और उपहार की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी। बहनें भाइयों के लिए राखी के साथ पसंदीदा मिठाई और उपहार खरीदती नजर आईं। बाजारों में खरीदारी का दौर देर शाम तक चलता रहा।
दूर रहने वाले भाई-बहनों का हुआ मिलन
नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के चलते दूर रहने वाले भाई-बहन भी रक्षाबंधन पर अपने घर पहुंचे। बसों में यात्रियों की भीड़ रही। लंबे समय बाद परिवार के सदस्यों के एक साथ जुटने से घरों में उत्सव जैसा माहौल रहा। कई परिवारों में बहनों के पहुंचने के बाद पारंपरिक तरीके से राखी बांधने की रस्म हुई।
शहर से गांव तक दिखी पर्व की रंगत: रक्षाबंधन के चलते श्रीडूंगरगढ़ शहर के साथ आसपास के गांवों में भी दिनभर उत्सवी माहौल रहा। कहीं भाई की कलाई पर सजी राखी प्रेम का प्रतीक बनी तो कहीं उपहारों के साथ भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और गहरी होती नजर आई। परिवारों के इस मिलन ने पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया।

































































