डीपी पचीसिया को समाज सेवा और प्रियंका जोधावत को शब्द शिल्पी सम्मान, राष्ट्रीय सृजन पुरस्कार भी दिए जाएंगे
NEXT 15 सितम्बर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कागज पर लिखी रचनाओं से लेकर मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन तक पहुंच चुके साहित्य के बदलते स्वरूप पर श्रीडूंगरगढ़ में देशभर के साहित्यकार मंथन करेंगे। राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति का वार्षिकोत्सव 27 सितंबर को संस्कृति सभागार में साहित्यकार समारोह के रूप में आयोजित होगा। समारोह का मुख्य विषय ‘कागज से स्क्रीन तक : सृजन की बदलती दुनिया’ रहेगा। आयोजन में राष्ट्रीय सृजन पुरस्कारों सहित विभिन्न सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
समिति के संस्थाध्यक्ष श्याम महर्षि ने बताया कि समारोह में साहित्य के पारंपरिक माध्यमों से डिजिटल प्लेटफॉर्म तक की यात्रा, बदलती पाठकीयता, तकनीक के बढ़ते प्रभाव और सृजन की नई संभावनाओं पर देशभर से आए साहित्यकार एवं विद्वान विचार रखेंगे। समारोह संयोजिका भगवती पारीक ‘मनु’ ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य पुरस्कार वितरण के साथ बदलते समय में साहित्य की भूमिका और उसके नए माध्यमों पर सार्थक संवाद करना है।
डीपी पचीसिया और प्रियंका जोधावत होंगे सम्मानित
समिति के मंत्री एवं साहित्यकार रवि पुरोहित ने बताया कि इस वर्ष रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान प्रख्यात समाजसेवी एवं उद्योगपति डीपी पचीसिया को दिया जाएगा। वहीं साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राजस्थान प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी एवं कवयित्री प्रियंका जोधावत को शब्द शिल्पी सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
इन साहित्यकारों को भी मिलेंगे पुरस्कार
समारोह की अध्यक्षता कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला डुकवाल करेंगी। जैन विश्व भारती डीम्ड विश्वविद्यालय, लाडनूं के कुलपति प्रो. बच्छराज दुगड़ मुख्य अतिथि होंगे। प्रियंका जोधावत विशिष्ट अतिथि तथा प्रख्यात साहित्यकार-समालोचक डॉ. मदगोपाल लढ़ा मुख्य वक्ता होंगे।
मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री सम्मान रोहतक के वरिष्ठ साहित्यकार मधुकांत को दिया जाएगा। डॉ. नंदलाल महर्षि स्मृति हिन्दी सृजन पुरस्कार डॉ. सूरजसिंह नेगी, शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार मीरा जैन, सुरेश कंचन ओझा लेखन पुरस्कार डॉ. सतीश कुमार, चन्द्रमोहन हाड़ा ‘हिमकर’ स्मृति उपन्यास लेखन पुरस्कार अरविंद पथिक तथा श्यामसुन्दर नागला स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार लाल देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव को प्रदान किया जाएगा।
साहित्यश्री सम्मान के तहत 21 हजार रुपए नकद दिए जाएंगे। अन्य पुरस्कारों में 11 हजार रुपए, सम्मान-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं शॉल प्रदान किए जाएंगे। समिति के उपाध्यक्ष डॉ. मदन सैनी ने बताया कि साहित्य और तकनीक के बदलते रिश्तों पर केंद्रित यह आयोजन श्रीडूंगरगढ़ की साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई देगा।






























