नवंबर-दिसंबर 2026 में होंगी परीक्षाएं; पटवारी, VDO, LDC और कांस्टेबल समेत 23 बड़ी भर्तियों का रास्ता खुलेगा
NEXT 16 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने समान पात्रता परीक्षा (CET)-2026 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार परीक्षा के नियमों और पैटर्न में बड़ा बदलाव किया जाएगा। सबसे अहम बदलाव यह है कि पहली बार CET में नेगेटिव मार्किंग लागू होगी। वहीं, CET प्रमाणपत्र की वैधता भी 1 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी गई है।
बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि परीक्षा का स्तर पहले की तुलना में अधिक कठिन रखा जाएगा। बोर्ड का प्रयास रहेगा कि केवल गंभीर और योग्य अभ्यर्थी ही पात्र हो सकें। इसके लिए नेगेटिव मार्किंग लागू करने का निर्णय लिया गया है।
नवंबर में ग्रेजुएशन लेवल, दिसंबर में सीनियर सेकंडरी लेवल परीक्षा
RSSB के अनुसार CET स्नातक स्तर की परीक्षा नवंबर 2026 में प्रस्तावित है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जून 2026 में शुरू होगी और करीब एक महीने तक आवेदन लिए जाएंगे।
वहीं, सीनियर सेकंडरी स्तर की CET के आवेदन जुलाई 2026 में शुरू होने की संभावना है। इसकी परीक्षा दिसंबर 2026 में आयोजित की जाएगी।
40% अंक जरूरी, आरक्षित वर्ग को 5% छूट
इस बार भी CET में पात्रता के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य रहेगा। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
अब 3 साल तक मान्य रहेगा CET प्रमाणपत्र
अब तक CET सर्टिफिकेट केवल 1 साल तक मान्य था, लेकिन बोर्ड ने इसकी वैधता बढ़ाकर 3 साल कर दी है। इससे 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, CET-2024 की वैधता फरवरी 2026 में समाप्त हो चुकी है। इससे स्नातक स्तर के 8.78 लाख और सीनियर सेकंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता खत्म हो गई थी। इसके बाद नई CET परीक्षा को लेकर युवाओं में लगातार संशय बना हुआ था।
इन भर्तियों के लिए जरूरी होगी CET
राज्य सरकार की कई बड़ी भर्तियां फिलहाल CET पात्रता के अभाव में अटकी हुई हैं। इनमें पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), LDC, महिला पर्यवेक्षक, उप जेलर, छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-द्वितीय और पुलिस कांस्टेबल जैसी भर्तियां शामिल हैं।
CET-2026 आयोजित होने के बाद इन भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
क्यों लागू की गई नेगेटिव मार्किंग?
बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार इस बार CET का स्तर पहले से कठिन रखा जाएगा ताकि केवल योग्य अभ्यर्थी ही आगे की भर्ती परीक्षाओं तक पहुंच सकें। बोर्ड का लक्ष्य लगभग 3 से 4 लाख अभ्यर्थियों को ही पात्र घोषित करना है। इसी उद्देश्य से नेगेटिव मार्किंग लागू की जा रही है।



















